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CTET Sanskrit Pedagogy: कुछ ही दिनों बाद होने वाली सीटेट परीक्षा में पूछे जा सकते हैं ‘संस्कृत पेडागॉजी’ के कुछ ऐसे प्रश्न!

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Sanskrit pedagogy MCQ Test For CTET
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CTET Sanskrit Pedagogy Important Questions: टीचिंग के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा एक सुनहरा अवसर है। इस परीक्षा में क्वालीफाई उम्मीदवार केंद्रीय विद्यालय नवोदय विद्यालय में होने वाली शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में आवेदन कर सकते हैं, जो कि सीटेट परीक्षा क्वालीफाई किए हैं। अगर आप भी इन विद्यालय में सरकारी शिक्षक के रूप में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, और दिसंबर में होने वाली सीटेट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे हैं तो यहां पर हम आपके लिए संस्कृत पेडागॉजी से संबंधित मॉडल प्रश्न साझा कर रहे हैं। जिसका अभ्यास आपको परीक्षा में बेहतर परिणाम दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है संस्कृत शिक्षण शास्त्र के यह सवालSanskrit Pedagogy Important MCQ For CTET Exam 2022

1. शिशवः एकभाषाज्ञानेन एकाधिकभाषाज्ञानेन वा सार्धं विद्यालयम् आयान्ति एकाधिकभाषाज्ञानं शिशून् उपकरोति

A. अन्यभाषाणां नवविषयाणां च सौकर्येण अधिगमे।

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B. अन्तः-सांस्कृतिक-अवबोधने राष्ट्रनीति-अवबोधने च ।

C. संवेदनशीलः भवितुम् अन्येभ्यः छात्रेभ्यः मेलनं च वारणाय।

D. उच्चाङ्कान् प्राप्तुं तद्भाषाणां लिपि-अवबोधने ।

Ans- B

2. चॉम्स्कीमतानुसारं मानवमस्तिष्के निहिता नियमावली कथ्यते

A. व्याकरण मञ्जूषा ( Grammar Box)

B. सार्वत्रिक व्याकरणम् (Universal Grammar)

C. समेकित व्याकरणम् (Integrated Grammar)

D. नियम पुस्तिका (Rule-Book)

Ans- D

3. भाषाविकासस्य संज्ञान-सिद्धान्तः (Cognitive Theory) प्रस्तौति यत्-

A. भाषा व्यक्तेः (Innate Capacity) सहजयोग्यता अस्ति ।

B. भाषा पुरस्कारदण्डाभ्याम् (Reward and Punishment) शिक्ष्यते ।

C. भाषा समाजे सम्पर्केण शिक्ष्यते ।

D. भाषा  बालकस्य भाषणात् पूर्वं विचारावबोधने आश्रिता (Understanding of Concept) अस्ति

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Ans- D

4. ………….. अस्मान् गूढार्थम् अवगन्तुम् सङ्केतं ददाति ।

A. विस्तृतम् अध्ययनम्

B. उच्चैः पठनम्

C. गहन अध्ययनम्

D. निर्दिष्ट अध्ययनम्

Ans- C

5. भाषाशिक्षणस्य प्रारम्भिकवर्षेषु काचित् अध्यापिका स्वकक्षायाः प्रारम्भः ‘वृत्तकाल’ (Circle Time) क्रियया करोति । अस्यां क्रियायां सा प्रत्येकं छात्रं कस्मिन्नपि विशिष्टविषये वक्तुम् अवसरं प्रददाति । एषा प्रक्रिया निम्नलिखितेषु कस्मै प्रयोजनाय महत्त्वपूर्णम् अस्ति।

A. पठन- योग्यतावर्धनाय

B. वर्णमालायाः अभिज्ञानाय

C. आकस्मिक साक्षरतायै (Emergent literacy)

D. अर्थबोधनार्थं पाठस्य पठनम्

Ans- C

6. अर्थ-मापन प्रक्रिया (Semantic mapping Strategy) कस्मै प्रयोजनाय सशक्ता अस्ति ?

A. छात्रेषु शब्दसङ्ग्रहं वर्धयितुम् ।

B. व्याकरणनियमान् शिक्षितुम् ।

C. पाठ्यविषयेण सह व्याकरणस्य संयोजनाय ।

D. प्रक्रियालेखनाय

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Ans- A 

7. बालकः प्रयोगाश्रितपरीक्षाविधिना (Trial and Error Method) शिक्षति’ इत्येतत् – – भाषाशिक्षणस्य सैद्धान्तिक परिप्रेक्ष्यात् स्पष्टम् अस्ति ।

A. संज्ञानात्मक (Cognitive)

B. व्यवहाराश्रित (Behaviouristic)

C. सामाजिक-सांस्कृतिक (Socio-Cultural)

D. जन्माश्रित (Nativist)

Ans- B

8. लेखनप्रक्रियायाः अवस्थानां समुचितं क्रमं चिनुत ।

a. प्रारूपलेखनम् (drafting) 

b. त्रुटि-शोधनम् (proof-reading) 

c. विचारोत्तेजनम् (brainstorming)

d. पुनरवलोकनम् (revising) 

e. रूपरेखानिर्माणम् (outlining)

f. समापनम् (finalising)

A. c, e, a, d, b.f

B. c, a, e, b, d, f

C. a, b, c, d, e, f

D. e, a, b, c, d, f

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Ans- A

9. कठोराभ्यासः निम्नलिखितेषु कस्य मुख्यपद्धतिः अस्ति ?

A. समग्रभाषापक्षस्य

B. सम्प्रेषणात्मकपक्षस्य

C. व्याकरण-अनुवादविधेः

D. क्रीडाविधे: (Playing method)

Ans- C

10. पठने, लेखने च बालकैः कृताः त्रुटयः कथयितुम् शक्यन्ते.

A. भाषाशिणस्य सोपानम् (ladder)

B. भाषाविकासे बाधाः ।

C. भाषायां प्रवाहं प्राप्तुं मार्गे बाधाः

D. भाषाशिक्षणे व्यक्तेः असामर्थ्यम् ।

Ans- A 

11. भाषाशिक्षणस्य निर्माणात्मकपक्षे (Constructivist approach) सम्म्लितम् अस्ति .

A. सशक्तसाधनरूपे कठोराभ्यासः ।

B. स्वभावनिर्माणम्

C. अन्वेषणाश्रित (Inquiry based) शिक्षणम् ।

D. व्याकरणनियमानाम् अभ्यासः

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Ans- C 

12. भाषायाः उत्पादिके योग्यते स्तः ?

A. पठनम्, लेखनम् च

B. पठनम्, श्रवणम् च

C. भाषणम् लेखनम् च

D. भाषणम्, श्रवणम् च

Ans- C

13. व्याकरणानुवादविधेरपरं नामास्ति-

A. हरबार्टीपञ्चपदी

B. अभिक्रमितानुदेशम्

C. भण्डारकरविधिः

D. प्रश्नोत्तरविधिः

Ans- C  

14. तृतीयकक्षायाः विद्यार्थिनां अभ्यासपुस्तिका अवलोकनक्रमे भाषाशिक्षकेण काश्चन त्रुटयः चिह्निताः अनुभूयन्ते च

A. शिशवः अनवधानेन त्रुटयः कुर्वन्ति।

B. शिशवः त्रुटयः कुर्वन्ति पुनकुर्वन्ति यतः शिक्षकः तान् न दण्डयति।

C. शिशूनां त्रुटयः स्वभाविकाः तेषां अवबोधनस्तरस्य द्योतकाः च ।

D. एते त्रुटयः शिक्षकेण क्षन्तव्याः यतः ते शिक्षणदृष्टौ असारभूताः।

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Ans- C 

15. प्राथमिकस्तरे, मूल्याङ्कनकरणाय अधोलिखितेषु कथनेषु किं समीचीनम् ?

A. मूल्याङ्कनं प्रतिसत्रान्ते (end of the each term) करणीयम्

B. मूल्याङकनं राज्याधारित प्रक्रिया भवेत् सर्वथा राज्येन एव आयोजनीयम्।

C. मूल्याङ्कनं विद्यालयाधारितं भवेत्, अध्ययन-अध्यापनस्य च अन्तः- ग्रथित-प्रक्रिया च अस्ति ।

D. मूल्याङकनं प्रतिवर्ष केवलम् एकवारं आयोजनीयम्।

Ans- C

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

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CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

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परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

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CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

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Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
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Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

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 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

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3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

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3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

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3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

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3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

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3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

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