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CTET 2022: लाखों अभ्यर्थियों के मध्य होगी कड़ी प्रतिस्पर्धा पूछे जाएंगे ‘कोहलबर्ग के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे प्रश्न!

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Kohlberg Theory Based MCQ For CTET Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा आयोजित की जा रही सीटेट परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। गौरतलब है कि बोर्ड के द्वारा 31 अक्टूबर से 24 नवंबर के बीच आवेदन मंगाए गए थे। इस परीक्षा में लाखों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल होंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों के मध्य प्रतिस्पर्धा कड़ी रहने वाली है।

यदि आप भी सीटेट परीक्षा के माध्यम से अपना शिक्षक बनने का सपना पूरा करना चाहते हैं, तो आपके लिए इस आर्टिकल में हम कोहलवर्ग के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल (Kohlberg Theory Based MCQ For CTET Exam) लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में आपको पूछे जा सकते हैं। इस सिद्धांत से 1 से 2 सवाल हर वर्ष परीक्षा में पूछे जाते हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को चाहिए कि वह इन प्रश्नों का अध्ययन ध्यानपूर्वक करें ताकि अच्छे अंकों के साथ सीटेट परीक्षा में सफलता हासिल की जा सके।

कोहलबर्ग के सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न—CTET 2022 MCQ on Kohlberg Theory of Moral Development

1. On the basis of children’s responses to Heinz dilemma, Lawrence Kohlberg has proposed specific developmental stages of-

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‘हाइन्स की दुविधा’ पर बच्चों की प्रतिक्रिया के आधार पर लॉरेंस कोलबर्ग ने किस विकास की विभिन्न अवस्थाओं को प्रतिपादित किया है?

(a) Moral Development / नैतिक विकास 

(b) Social Development / सामाजिक विकास

(c) Psychological Development / मनोवैज्ञानिक विकास

(d) Personal Development / व्यक्तिगत विकास

Ans- a 

2. Eight year old Rohit reasons stealing is wrong because stealing behaviour can lead to his rejection by others. As per Lawrenc Kohlberg’s theory of moral development, which stage is he displaying?

आठ वर्षीय रोहित को लगता है कि चोरी करना गलत है क्योंकि चोरी करने के व्यवहार की वजह से दूसरे लोग उसे निष्कासित कर देंगे लॉरेंस कोहलबर्ग द्वारा दिए नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार वह किस चरण को प्रदर्शित करता है? 

(a) Good boy-good girl’ orientation /अच्छा लड़का अच्छी लड़की उन्मुखीकरण 

(b) Punishment and disobedience orientation/ दंड और आज्ञाकारिता उन्मुखीकरण 

(c) Social order orientation/ सामाजिक व्यवस्था उन्मुखीकरण

(d) Universal ethical principles/ सार्वभौतिक नैतिक सिद्धांत

Ans- a 

3. A collection of students’ work on a variety of task throughout the meant for keeping a record of their performance is known as a-

बच्चों द्वारा पूरे वर्ष के दौरान किए गए विभिन्न कार्यों का संग्रहण, जिसका लक्ष्य उनके प्रदर्शन का रिकॉर्ड रखना है, कहलाता है?

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(a) Rubric रुवरिक

(b) File / फाइल

(c) Data sheet / आंकड़ों का प्रपत्र

(d) Portfolio / पोर्टफोलियो 

Ans- d 

4. Fatima reason – “You should be honest because then your parents would be proud of you”. In which stage of Lawrence Kohlberg’s theory of moral reasoning does Fatima come under?

फातिमा तर्क करती है कि “आपको ईमानदार होना चाहिए, क्योंकि इससे आपके माता-पिता आप पर गर्व करेंगे।” फातिमा, कोहलबर्ग के नैतिक चिन्तन के किस चरण में हैं?

(a) Social contract orientation / सामाजिक अनुबंध अभिनवीकरण

(b) Law and order orientation / कानून-व्यवस्था अभिनवीकरण

(c) Good boy-good girl orientation / “अच्छा लड़का, अच्छी लड़की” अभिनवीकरण

(d) Punishment-obedience orientation / दण्ड-आज्ञा पालन अभिनवीकरण

Ans- c 

5. Which of the following is a sub-stage in Kohlberg’s ‘conventional stage’ of Moral Development?

इनमें से कौनसी उप अवस्था लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास की ‘पारंपरिक अवस्था’ के अंतर्गत आती है?

(a) Instrumental purpose and exchange अनुदेशन उद्देश्य एवं आदान-प्रदान

(b) Universal ethical principles सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत

(c) Morality of contract, rights and law अनुबन्धन नैतिकता एवं अधिकार व कानून

(d) Social concern and conscience सामाजिक सारोकार और आत्मबोध

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Ans- d 

6. Anita took Rashmi’s pen and in retaliation Rashmi ate Anita’s lunch. Pooja was observing all this but did not report these incidents to the teacher as it involved ‘equal exchanges’. At which stage of Moral development is Pooja according to Lawrence Kohlberg?

अनीता ने रश्मि का कलम ले लिया और प्रतिशोध में रश्मि ने अनीता का भोजन खा लिया। पूजा यह सब देख रही थी, किन्तु उसने अध्यापिका को सूचित नहीं किया, क्योंकि दोनों ने एक-दूसरे से बदला लिया था। लॉरेंस कोहलबर्ग के अनुसार, पूजा नैतिक विकास की कौन-सी अवस्था पर है?

(a) The good boy-good girl orientation / “अच्छा लड़का, अच्छी लड़की” उन्मुखीकरण

(b) The social order maintaining orientation / सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का उन्मुखीकरण

(c) The punishment and Obedience orientation / दण्ड और आज्ञापालन उन्मुखीकरण

(d) The instrumental purpose orientation / यांत्रिक उद्देश्य उन्मुखीकरण

Ans- d 

7. At which stage of moral reasoning in Lawrence Kohlberg’s theory do children believe that rules must be enforced in the same manner for everyone and each individual must obey them as his personal duty?

लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत में नैतिक तर्कणा के किस चरण पर छात्र मान लेते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए नियम एक समान प्रकार से लागू किये जाने चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति का निजी कर्त्तव्य है कि वे इनका पालन करें?

(a) Good boy-good girl orientation /अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास 

(b) Punishment and obedience orientation / दण्ड और आज्ञापालन अभिविन्यास

(c) Instrumental purpose orientation / यंत्रीय प्रयोजन अभिविन्यास

(d) Social order maintaining orientation / सामाजिक क्रम को बनाए रखने का अभिविन्यास

Ans- d 

8. Kamal reasons that he will give a crayon to Tanu if she also gives her one so that it is an equal exchange of favours. At which stage of Lawrence Kohlberg’s moral development is Kamal at ?

कमल स्वयं को तर्क देता है कि यदि तनु उसे एक क्रेयोन देगी तो वह उसे भी एक क्रेयोन देगा ताकि उपहारों के लेन देन में समानता हो। कमल, लारेन्स कोहलबर्ग के नैतिक विकास के किस चरण है?

(a) Instrumental purpose orientation/ यान्त्रिक- उद्देश्य अभिनवीकरण

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(b) Good boy nice girl orientation / अच्छा लड़का, अच्छी लड़की अभिनवीकरण

(c) Social order maintaining orientation / सामाजिक व्यवस्था निर्वाहन अभिनवीकरण

(d) Social-contract orientation/सामाजिक समझौता अभिनवीकरण

Ans- a

9. ‘स्वर्ण नियम (गोल्डन रूल)’ में प्रदर्शित आदर्श पारस्परिकता का विचार कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास के किस चरण की प्रमुख विशेषता है?

(a) सामाजिक व्यवस्था अभिविन्यास

(b) सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास

(c) सार्वभौमिक नैतिक अभिविन्यास

(d) अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास

Ans- d 

10. ‘स्वर्ण नियम (गोल्डन रूल)’ में प्रदर्शित आदर्श पारस्परिकता का विचार कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास के किस चरण की प्रमुख विशेषता है?

(a) सामाजिक व्यवस्था अभिविन्यास

(b) सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास

(c) सार्वभौमिक नैतिक अभिविन्यास

(d) अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास

Ans- 1 

11.  लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त में सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के चरण की विशेषता है – 

(a) पारस्परिकता की समझ 

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(b) अधिकार का दर और सजा से बचना 

(c) दूसरों का स्नेह और अनुमोदन प्राप्त  करना 

(d) क़ानूनों को बनाए रखना समाज के प्रत्येक सदस्य का व्यक्तिगत कर्तव्य है 

Ans- d 

12. कैरोल गिलिगन ने लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की समालोचना करते हुए तर्क दिया कि पुरुषों की नैतिकता का आधार है. जबकि खियों की नौतिकता का आधार है।

(a) न्याय देखभाल

(b) देखभाल; न्याय

(c) भलाई; त्याग

(d) त्याग; भलाई

Ans- a 

13. लॉरेंस कोहलबर्ग के विषय में कौन सा विकल्प सही है?

(a) ये पियाजे के सिद्धान्त को उद्धृत नहीं करते हैं।

(b) वे नैतिक विकास के छहः स्तरों को दोचरणों में समेट देते है।

(c) उन्होंने बच्चों को “हिन्ज की दुविधा ” की काल्पनिक स्थिति देकर शोध किया है।

(d) उनका मानना है कि संज्ञानात्मक विकास क्रम में लड़के और लड़कियों नैतिकता का विकास भिन्न भिन्न होता है । 

Ans- c 

14. लॉरेंस कोलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, नैतिक विकास के किस चरण में व्यक्ति विवेक के स्व-चुने हुए नैतिक सिद्धांतों द्वारा सही कार्य को परिभाषित करते हैं जो कानून और सामाजिक समझौते की परवाह किए बिना सभी मानवता के लिए मान्य हैं?

(a) सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास

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(b) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

(c) सामाजिक व्यवस्था अनुरक्षणअभिविन्यास

(d) सहायक उद्देश्य अभिविन्यास

 Ans- b 

15. नैतिक तर्क आदर्श पारस्परिकता की समझ पर आधारित है स्वर्णिम नियम जिसमें व्यक्ति – कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में किस स्तर पर दूसरों की स्वीकृति बनाए रखना चाहते हैं?

(a) सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास

(b) सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास

(c) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

(d) अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास

Ans- d 

यहां पर हमने दिसंबर में आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए कोहलबर्ग के सिद्धांत’ से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों (Kohlberg Theory Based MCQ For CTET Exam) का अध्ययन किया। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) से जुड़ी नवीनतम अपडेट और प्रैक्टिस सेट प्राप्त करने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल के सदस्य बने, जॉइन लिंक नीचे दी गई है

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

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CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

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परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

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CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

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Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
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Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

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 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

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3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

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3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

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3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

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3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

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3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

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