Connect with us

CTET

CTET Math Pedagogy MCQ: दिसंबर में होने वाली सीटेट परीक्षा के लिए ‘गणित पेडागोजी’ के संभावित प्रश्न

Published

on

Advertisement

Math Pedagogy Questions For CTET: देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा में से एक मानी जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा दिसंबर माह में आयोजित होने वाली है। जिसका ऑफिशल नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जा सकता है। अगर आप भी सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, और इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं , तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण होने वाली है। यहां पर हम गणित शिक्षण शास्त्र से संबंधित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं। जो कि आपको परीक्षा में बहुत काम आने वाले हैं। वे अभ्यर्थी जो दिसंबर माह में होने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा देने वाले हैं, उन्हें इन प्रश्नों का अध्ययन एक बार अवश्य कर लेना चाहिए।

सीटेट परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है मैथ्स पेडगॉजी के यह सवाल—Math Pedagogy For CTET Paper 1

Q.1 निम्नलिखित शाब्दिक समस्या के प्रकार को पहचानिए । मेरे पास 6 पेंसिल है। मनीष के पास मेरे से दो अधिक है। मनीष के पास कितनी पेंसिल हैं?

(1) व्यवकलित जमा

Advertisement

(2) व्यवकलित घटा

(3) तुलनात्मक जमा

(4) तुलनात्मक घटा

Ans- 3 

Q.2 निम्नलिखित में से क्या गणितीय तर्कणा का सूचक है?

(1) परिकलन में निपुणता की क्षमता 

(2) विभिन्न परिस्थितियों में सही सूत्रों को स्मरण करने की क्षमता।

(3) गणितीय संकल्पनाओं की परिभाषा देने की क्षमता 

(4) गणितीय प्रक्रिया की तर्कसंगतता देने की क्षमता

Ans- 4 

Q.3 – वॉन हेले के स्तर जिस विकास की अवस्थाओं का संकेत करते हैं, वह है।

(1) ज्यामितीय चिंतन

(2) भिन्न

(3) संख्या की संकल्पना

(4) स्थानीय मान

Advertisement

Ans- 1 

Q.4 निम्नलिखित समुच्चयों में से कौन सा गणित में प्रश्न हल करने का कौशल है?

(1) चित्रांकन करना, पीछे से हल करना, रट लेना।

(2) कंठस्थ करना, अनुमान लगाकर परीक्षण करना, चित्रांकन करना।

(3) प्रयत्न – त्रुटि विधि, चित्रांकन करना, कंठस्थ करना

(4) विवेचन करना, चर का प्रयोग करना, प्रतिरूप देखना ।

Ans- 4

Q5. एक संख्या का दशमलव निरुपण समझने के लिए निम्निखित में कौन-सी पूर्व जानकारी का ज्ञान होना चाहिए?

(1) योग

(2) व्यकलन

(3) स्थानीय मान

(4) गुणा

Ans- 3

Q.6 – बच्चों को भिन्न की संकल्पना पढ़ाने के लिए निम्नलिखित में से क्या अत्यंत उपयुक्त है ?

(1) क्विजिनेयर छड़ें

(2) गिनतारा

(3) जियोबोर्ड

(4) संख्या चाट

Advertisement

Ans- 1

Q.7- गणित की प्रकृति के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य नहीं है ? 

(1) गणित में विचारों के सही संचारण के लिए विशेष शब्दावली का प्रयोग होता है

(2) गणितीय ज्ञान की संरचना में तर्क कौशल महत्त्वपूर्ण है।

(3) गणितीय संकल्पनाओं की प्रकृति श्रेणीबद्ध है। 

(4) प्राथमिक स्तर पर गणित प्रत्यक्ष है और कल्पना की आवश्यकता नहीं है।

Ans- 4 

Q.8 निम्नलिखित कथनों में से किसमें संख्या तीन का योग क्रमसूचक भाव में हुआ है ?

(1) इस डिब्बे में तीन पेंसिलों के कई समूह है।

(2) मैं इस इमारत की तीसरी मंजिल पर रहता हूँ।

(3) इस घर में तीन कमरे हैं। 

(4) प्रत्येक समूह में तीन टीम सदस्य हैं।

Ans- b 

Q.9 कौन सा कार्य अध्यापक से संबंधित नही है।

(1) योजना

(2) मार्ग दर्शन

(3) शिक्षण

(4) बजट बनाना

Advertisement

Ans- 4

Q.10 निम्नलिखित में से कौन सा क्रियाकलाप बच्चों में त्रिविम समझ को विकसित करने के लिए अधिक उपयुक्त है ? है

(1) चंद्रमा के उदय होने का समय लिखना । 

(2) संख्याओं को संख्या रेखा पर निरूपित करना । 

(3) बोतल के ऊपरी दृश्य को चित्रित करना । 

(4) मानचित्र पर शहरों का स्थान निर्धारण करना ।

Ans- 3 

Q. 11 दो दशमलव वाली संख्याओं के गुणन जैसे कि 0.3 x 0.2 = 0.06 की संकल्पना को समझाने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा शिष्मण अधिगम साधन उचित है ?

(1) संख्या चार्ट

(2) ग्राफ पेपर

(3) डाइनिस ब्लॉक्स (Dienes blocks)

(4) टेलर का गिनतारा (Taylor’s abacus)

Ans- 2 

Q. 12 – राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.) 2005 की (अनुशंसा के अनुसार प्राथमिक विद्यालय का गणित पाठ्यक्रम

(1) गणितीय संकल्पनाओं में कठोरता देने वाला होना चाहिए। 

(2) छात्रों को प्रगामी गणित के लिए तैयार करने वाला होना चाहिए। | 

(3) छात्रों के प्रतिदिन के अनुभवों से संबंधित होना चाहिए।

(4) कार्यविधिक ज्ञान पर केंद्रित होना चाहिए।

Advertisement

Ans- 3

Q.13 – गणितीय अध्यापन को प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता नहीं है?

(1) छात्रों की त्रुटियों के प्रतिरूपों पर केंद्रित होना। 

(2) प्रतिदिन के अनुभवों के साथ संबंध स्थापित करना 

(3) एक ही संकल्पना के लिए विभिन्न शिक्षण-अधिगमों का प्रयोग 

(4) एक नई संकल्पना का परिचय देने के लिए समय के नियम का कठोरता से पालन करना।

Ans- 4

Q. 14 – गणित के संदर्भ में, ग्रामीण क्षेत्रों से विद्यालय में आने वाले बच्चों के लिए निम्न में से कौन सा कथन सही है

(1) उन्हें गणित का कोई ज्ञान नहीं है।

(2) उनकी गणित में संचारण निपुणता निकृष्ट है।

(3) उन्हें विधिवत गणित सीखने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह उनके काम नहीं आएगा 

(4) उनके पास मौखिक गणितीय परंपराओं और ज्ञान की प्रचुरता है।

Ans-  4

Q. 15 निम्नलिखित में से कौन सा कथन विद्यार्थियों द्वारा गणित में की गई अशुद्धियों के समसामयिक निरीक्षण पर प्रकाश नहीं डालता है?

(1) वे जानकारी प्राप्त करने का मूल्यवान स्रोत हैं। 

(2) वे अध्यापिका का उसकी कक्षाओं की आयोजना तैयार करने में मार्गदर्शन कर सकती हैं।

(3) उन्हें अनदेखा कर देना चाहिए।

(4) वे अधिगम का हिस्सा हैं।

Advertisement

Ans- 3 

Read More:-

CTET EXAM 2022: ‘हिंदी पेडगॉजी’ से जुड़े कुछ ऐसे ही सवाल पूछे जाएंगे दिसंबर में होने वाली सीटेट परीक्षा में डालें एक नजर!

CTET 2022: कोहलबर्ग के सिद्धांत पर आधारित ऐसे सवाल जो पिछले वर्ष CTET परीक्षा में पूछे जा चुके हैं, अभी पढ़ें

इस आर्टिकल में हमने आगामी सीटेट परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए ‘गणित शिक्षण शास्त्र’ (Math Pedagogy Questions For CTET) से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तरों को साझा किया है. सीटीईटी से जुड़ी नवीनतम अपडेट और प्रैक्टिस सेट प्राप्त करने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल के सदस्य बने, जॉइन लिंक नीचे दी गई है

Advertisement

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CTET

UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

Published

on

By

Advertisement

UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

Advertisement

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

Read More:

CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

Advertisement

Continue Reading

CTET

CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

Published

on

By

Advertisement

CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

Advertisement

परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

Advertisement

Continue Reading

CTET

CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

Published

on

Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
Advertisement

Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

Advertisement

 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

Advertisement

3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

Advertisement

3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

Advertisement

3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

Advertisement

3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

Advertisement

3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

ये भी पढे:-

CTET 2022: सीटेट परीक्षा के लिए बुद्धि परीक्षण पर आधारित इन सवालों से करे अपनी अंतिम तैयारी!

CTET 2022: हिन्दी भाषा शिक्षण के इन सवालों से करे अपनी बेहतर तैयारी

Advertisement

Continue Reading

Trending