Success Story

Success Story: अपनी बड़ी बहन से प्रेरित होकर रिया डाबी ने उत्तीर्ण की यूपीएससी की परीक्षा , जाने उनकी जीवनी

IAS Officer Success Story In Hindi: हमारे देश मे कठिन माने जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा मे सफलता प्राप्त करने का सपना बहुत से छात्र देखते है। लेकिन इस परीक्षा मे उत्तीर्ण होना इतना आसान नहीं है, परीक्षा मे सफलता के लिए छात्र मे कड़ी मेहनत, लगन और साथ ही काभी भी हार न मानने वाला मनोबल चाहिए होता है। वही एक ही परिवार की दो बहने का आईएएस ऑफिसर बन जाना एक बहुत बड़ी बात है, दोनों बहनों का नाम आईएएस रिया डाबी और टीना डाबी है। आज हम आपको दो बहनों मे से छोटी बहन रिया डाबी की सफलता की कहानी बताएंगे जिन्होंने यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा मे अपनी सफलता हासिल कर ली। पूरी कहानी को जानने के लिए लेख को अंत तक पढे। 

पढ़ाई के साथ साथ रिया को पेंटिंग मे भी थी रुचि

IAS Tina Dabi की छोटी बहन रिया डाबी नई दिल्ली की रहने वाली है, उन्होंने जेजस एण्ड मेरी (Jesus & Mary School) स्कूल दिल्ली से अपनी 12 तक की पढ़ाई पूरी की थी, 12 वी के बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज (Lady Shri Ram College) से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। रिया के सब्जेक्ट की बात करे तो उन्होंने पोलिटिकल साइंस विषय से अपनी पढ़ाई की थी। उनकी पढ़ाई के साथ अन्य चीजों मे भी रुचि थी। वे पढ़ाई के बाद बचे हुए समय मे पेंटिंग करना पसंद करती थी। पेंटिंग उनकी बचपन की रुचि है। इसके अलावा उनको इंडियन पोंक आर्ट मे भी रुचि है। 

riya dabi

रिया की बड़ी बहन टीना थी यूपीएससी टोपर

रिया ने अपने स्कूल के दिनों में ही आईएएस बनने का सपना सँजोह लिया था। उनकी बड़ी बहन टीना डाबी यूपीएससी परीक्षा मे टोपर रह चुकी थी, अतः वे भी एक आईएएस ऑफिसर थी। रिया अपनी बड़ी बहन की तरह ही एक आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी। तैयारी शुरू करने के दौरान रिया को अपने ऊपर विश्वास था कि वे यूपीएससी की परीक्षा क्लेयर कर देगी।

लेकिन परीक्षा मे टोपर के रूप मे सफलता हासिल करने की उम्मीद उनको विलकुल भी नहीं थी। रिया डाबी ने साल 2020 मे यूपीएससी की परीक्षा पहली बार दी थी, और अपनी पहली ही कोशिश मे ही 15वी आल इंडिया रैंक हासिल कर अपने आईएएस बनने के सपने को सच कर लिया। 

रिया डाबी का मानना है कि यूपीएससी परीक्षा मे तैयारी कर रहे छात्रों को विषय अपनी रुचि के हिसाव से ही चुनना चाहिए। वे यूपीएससी की तैयारी के दौरान रोजाना 12 से 13 घंटे पढ़ाई करती थी। उन्होंने एक रणनीति के हिसाव से एक सेडुल तय किया था,और रिवीजन पर भी अधिक फोकस किया करती थी। वे अपनी बहन आईएएस टीना डाबी से प्रेरित थी। 

Success Story: यूपीएससी की परीक्षा मे पहली ही कोशिश मे दूसरी रैंक लाने वाली आईएएस रेनू की कहानी सुनिए, यहा

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