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Essay on Cow in Sanskrit Language: संस्कृत मे गाय पर विस्तृत निबंध

गाय सहज रूप से भारतीय जनमानस में रची-बसी है। गौसेवा को एक कर्तव्य के रूप में माना गया है। आइए जानें गाय (धेनु) पर संस्कृत भाषा मे निबंध- 

गाय का यूं तो पूरी दुनिया में ही काफी महत्व है, लेकिन यदि बात की जाए भारत के संदर्भ में तो प्राचीन काल से यह भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। चाहे वह दूध का मामला हो या फिर खेती के काम में आने वाले बैलों का। वैदिक काल में गायों की संख्‍या व्यक्ति की समृद्धि का मानक हुआ करती थी। इस आर्टिकल मे हम संस्कृत भाषा मे गाय (Cow) पर निबंध शेअर कर रहे है आशा है ये जानकारी आपको पसंद आएगी।

धेनु संस्कृत निबंध- Essay on Cow in Sanskrit

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विस्तृत निबंध (Essay on Cow in Sanskrit)

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Short 10 Lines on Cow In Sanskrit

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(1) अस्माकं देशस्य सर्वश्रेष्ठः पशुः गौः अस्ति ।

(2)  अस्माकं देशे गौ: मातृवत् पूज्या अस्ति ।

(3)  गौ: अस्मभ्यं मधुरं दुग्धं ददाति ।

(4) गौदुग्धेभ्यः दधिः, घृतम् च जायते ।

(5)  गोघृतं अतीव पवित्रं मन्यते ।

(6) गौ: अस्माकं बहुउपकारं करोति ।

(7)  गोवत्साः एव वृषभाः भवन्ति ।

(8)  वृषभाः हलेन क्षेत्राणि कर्षन्ति ।

(9) गोमयेन उपलानि निर्मीयन्ते ।

(10) गोमयेन उर्वराशक्तिः वर्धते ।

(11) उपलानां प्रयोग इंधने अपि भवति ।

(12) गौ: घासं – तृणं च खादति ।

(13) गौ: अस्मभ्यं अतीव उपयोगी अस्ति ।

(14) अतः वयं गाम् गोमाता अपि कथयामः ।

 

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