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CTET 2022: ‘पर्यावरण पेडागॉजी’ के यह Score Booster सवाल जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं जरूर पढें

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CTET EVS Practice Set
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Paryavaran Pedagogy For CTET Exam: सीटेट परीक्षा 2022 में शामिल होने वाले देश भर के लाखों अभ्यर्थियों के पास महज अब कुछ ही सप्ताह का समय शेष रह गया है दिसंबर से जनवरी माह में आयोजित की जाने वाली देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा में यदि आप भी सम्मिलित होने जा रहे हैं तो यहां पर दी गई जानकारी आपको ध्यान पूर्वक पढ़ना चाहिए इस आर्टिकल में हम पर्यावरण पेडगॉजी से संबंधित ऐसे महत्वपूर्ण सवाल आपके साथ शेयर कर रहे हैं जो की परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है इन प्रश्नों का अध्ययन अभ्यर्थियों को परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ सफलता प्राप्त करने में बेहद मददगार साबित हो सकते हैं।

सीटेट परीक्षा के लिए पर्यावरण शिक्षण शास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न—CTET Exam 2022 Paryavaran Pedagogy IMP Questions

1. दिए गए प्रश्न को ध्यान से पढ़िए-

क्या आपने अपने घर या स्कूल के आस-पास जानवर देखे हैं,

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जिनके छोटे बच्चे हैं? अपनी नोटबुक में उनके नाम लिखिए। ” 

इस प्रश्न के माध्यम से किस प्रक्रमण कौशल का आकलन किया गया है?

(a) अवलोकन एव रिकॉर्डिंग

(b) वर्गीकरण एवं चर्चा

(c) परिकल्पना एवं प्रयोग

(d) न्याय के लिए सरोकार

Ans- a 

2. पौधों के विभिन्न भागों के शिक्षण हेतु आवश्यक है: 

(a) पाठ्य-पुस्तक

(b) पौधों का अवलोकन

(c) श्यामपट्ट

(d) पौधों का चित्र

Ans- b 

3. बच्चों में प्रतिदिन डायरी लिखने, मौसम दर्ज करने एवं उससे सम्बन्धित प्रश्न पूछने पर बच्चों में किस कौशल का विकास होता है? 

(a) अनुमान लगाने का कौशल

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(b) लेखन का कौशल

(c) सम्प्रेषण कौशल

(d) मापने का कौशल

Ans- c 

4. पर्यावरण अध्ययन की कक्षा में बच्चों के अनुभवों को महत्व देना चाहिए क्योंकि:

(a) बच्चों को अपनी बात बताने में आनन्द आता है 

(b) इससे बच्चों का आदायी कौशल परिमार्जित होता है

(c) अभिव्यक्ति के कौशल का विकास होता है

(d) विषय को बच्चों के अनुभवों से जोड़ने पर सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है

Ans- d 

5. पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण से उन प्रक्रिया पर आधारित कौशलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए जो पूछताछ आधारित प्रत्यक्ष अनुभवों के केन्द्र बिन्दु है। निम्नलिखित में से कौन-सा एक ऐसा कौशल नहीं है? (Feb. 2015)

(a) पूर्वानुमान

(b) निर्धारण

(c) निष्कर्ष निकालना

(d) अवलोकन

Ans- b 

6. कक्षा V की अध्यापिका माहिका चाहती है कि उसके विद्यार्थी आस-पास के पौधों का अवलोकन करें। सार्थक अधिगम (सीखने) के लिए उसे बच्चों को क्या करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए?

(a) यह समझना कि पौधे भी सजीव होते हैं

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(b) यह समझना कि पौधे हमारे लिए उपयोगी होते हैं

(c) अधिकतम पौधों के नाम लिखना

(d) उनकी ऊँचाई, पत्तियों, गन्ध और उगने के स्थानों में अन्तर का अवलोकन करना

Ans- d 

7. ई.वी.एस. संक्षेपण …………… अर्थ में प्रयुक्त होता है: 

(a) एनवार्यमेंटल स्किल्स

(b) एनवार्यमेंटल साइन्स

(c) एनवार्यमेंटल सोर्सेज

(d) एनवार्यमेंटल स्टडीज

Ans- d 

8. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण का उद्देश्य नहीं है?

(a) कक्षा-कक्ष में होने वाले अधिगम को विद्यालय के बाहर की दुनिया के साथ जोड़ना

(b) शिक्षक कक्षा-कक्ष में कड़े अनुशासन को सुनिश्चित करें

(c) बच्चों को प्रश्न पूछने के लिए अवश्य अभिप्रेरित करना चाहिए

(d) बच्चों को अपने निकटतम परिवेश से परिचय प्राप्त करने के लिए अवश्य अभिप्रेरित करना चाहिए

Ans- b 

9. कक्षा V की पर्यावरण अध्ययन की पाठ्य-पुस्तक के एक पाठ में ‘सर्वेक्षण और लेखन’ पर एक भाग का मुख्य उद्देश्य है: 

(a) शिक्षार्थियों की सामान्य जानकारी का आकलन करना

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(b) शिक्षार्थियों को अवसर उपलब्ध कराना कि वे चीजों को खोजें और सीखें

(c) विषय की आधारभूत अवधारणाओं को सीखने में शिक्षार्थियों की मदद करना

(d) शिक्षार्थियों के व्यावहारिक कौशलों में सुधार करना

Ans- b 

10. कक्षा V की EVS की पाठ्य-पुस्तक के किसी पाठ में ‘सोचिए और चर्चा कीजिए’ भाग में ‘नीचे’ दिया गया कथन लिखा है: “यदि आपके गाँव अथवा शहर में एक सप्ताह तक पेट्रोल अथवा डीजल न हो, तो क्या होगा?” इस कथन का मुख्य उद्देश्य है: 

(a) छात्रों को तेल के न्याय संगत उपयोग के बारे में सवेंदनशील बनाना

(b) छात्रों को पेट्रोल और डीजल के स्रोतों के बारे में मूल्यांकन 

(c) वास्तविक जीवन की चिन्ताओं को समझने हेतु कल्पना और सोचने विचारने की कुशलता को बढ़ावा देना

(d) पेट्रोल और डीजल की कमी के बारे में जागृति उत्पन्न करना

Ans- c 

11. प्राथमिक स्तर पर EVS की पढ़ाई का एक प्रमुख उद्देश्य है –

(a) विषय की मूल संकल्पनाओं की गहन समझ विकसित करना

(b) अगले स्तर के अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को तैयार करना

(c) कक्षा की पढ़ाई को शिक्षार्थी के विद्यालय से बाहर के जीवन से सम्बन्धित करने में सहायता करना

(d) स्वतन्त्र रूप से हस्तसिद्ध क्रिया-कलापों को करने का कौशल अर्जित करना

Ans- c 

12. प्राथमिक स्तर की EVS की पाठ्यचर्या को शुद्ध विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की संकल्पनाओं को सम्मिलित करके विकसित किया गया है। ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य है: 

(a) शिक्षार्थी को पर्यावरण को साकल्यवादी ढंग से देखने योग्य बनाना

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(b) पढ़ाई के विषयों की संख्या को कम करना

(c) विद्यार्थी के बस्ते का बोझ कम करना

(d) विषय अध्यापकों की आवश्यकता को कम करना

Ans- a 

13. सामाजिक विज्ञान के सन्दर्भ में पर्यावरण अध्ययन पढ़ने का निम्नलिखित में से कौन-सा उद्देश्य नहीं है? 

(a) इसे बच्चों को मुख्य शब्दावली की सही परिभाषा याद करने योग्य बनाना चाहिए

(b) इसे शिक्षार्थियों को विद्यमान विचारों ओर अभ्यासों पर प्रश्न करने के योग्य बनाना चाहिए

(c) इसे बच्चों को समाज के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में बढ़ने के योग्य बनाना चाहिए

(d) इसे बच्चों को संस्कृति-अभ्यासों में विविधता का सम्मान करने योग्य बनाना चाहिए।

Ans- a 

14. एन सी आर टी की पाठ्य-पुस्तक में पर्यावरण अध्ययन को उच्च प्राथमिकता और स्थान दिया गया है: 

(a) अधिक संख्या में अभ्यास प्रश्नों को शामिल करने के लिए 

(b) विषम की आधारभूत संकल्पनाओं की व्याख्या करने के लिए 

(c) चिन्तन और विस्मय के लिए शिक्षार्थियों को अवसर उपलब्ध कराने के लिए

(d) तकनीकी शब्दावली की सटीक परिभाषाएँ उपलब्ध कराने के लिए

Ans- c  

15…………… . को छोड़कर बच्चे के विकास को आकार देने | वाले वातावरणीय कारकों में निम्नलिखित सभी शामिल हैं: 

(a) शिक्षा की गुणवत्ता 

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(b) पौष्टिकता की गुणवत्ता

(c) शारीरिक गठन

(d) संस्कृति

Ans- c 

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

इन उम्मीदवारों को मिलेगी एंट्री

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET 2023: ‘पक्षियों’ से जुड़े बेहद रोचक सवाल, जो सीटेट की सभी शिफ्ट में पूछे जा रहे हैं!

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EVS MCQ on Birds For CTET
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EVS MCQ on Birds For CTET: शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने की चाहत लिए लाखों अभ्यर्थी प्रतिवर्ष सीबीएसई के द्वारा संचालित सिटी परीक्षा में शामिल होते हैं। इस वर्ष किस परीक्षा का आयोजन 28 दिसंबर से किया जा रहा है। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो यहां पर हम आपके लिए पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। इस टॉपिक से पेपर में एक से दो प्रश्न पूछे जा रहे हैं अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का अध्ययन एक बार अवश्य कर लेना चाहिए।

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CTET Environment MCQ on Birds—पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न

1) किस प्रकार के पक्षी की चोंच मीट को काटने और खाने के काम आती है?

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1. तिकोने आकार की चोंच

2. सीधी और पतली चोंच

3. हुक जैसी चोंच

4. लम्बी पतली सुई जैसी चोंच

Ans- 3

2) पक्षियों की एक स्पीशीज (प्रजाति) ऐसी है, जिसका नर पक्षी सुन्दर सुन्दर घोंसले बुनता है। मादा पक्षी उन सभी पोसलों को देखती है। उनमें से वह उसे चुनती है जो उसे सबसे अच्छा लगता है और उसी में अंडे देती है। पक्षियों की इस स्पीशीज का नाम है.

1. कोयल

2. वीवर पक्षी

3. शक्कर खोरा

4. वसंत गौरी

Ans- 2

3) अपनी गर्दन को पीछे तक घुमा सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर 

2. तोता

3. उल्लू 

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4. मैना

Ans- 3

4) अपनी गर्दन को झटके से आगे पीछे कर सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर (कपोत)

2. तोता

3. उल्लू

4. मैना

Ans- 4

5) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

6) पक्षियों की उस प्रजाति का नाम क्या है जिसमें नर पक्षी अनेक सुन्दर घोंसले बनाते हैं और मादा पक्षी उनमें से केवल एक घोंसला चुनते हैं और उसमें अण्डे देते हैं? 

1. कलचिड़ी

2. शकरखोरा

3. दर्जिन चिड़िया 

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4. बया (वीवर)

Ans- 4

7. उस पक्षी का नाम जिसकी आंखें मानवों की तरह सामने की तरफ होती हैं:

1. चील

2. बाज

3. गिद्ध

4. उल्लू

Ans- 4

8) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध 

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

9) निम्नलिखित में से कौन सा सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है जो उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से भारत आता है:

1. सीखपर बत्तख (पिनटेल डक)

2. छोटी मतस्यकुररी (ऑस्प्रे) 

3. हंसावर (फ्लेमिंगो) 

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4. छोटी जलरंक (स्टिंट)

Ans- 4

10) एक छोटे से पेड़ या झाड़ी की शाखा से लटकने वाला घोंसला बनाने वाला पक्षी है। 

1. सूर्यपक्षी / शक्कर खोरा

2. कौवा 

3. बारबेट / बसंतगौरी

4. भारतीय रॉबिन / कलचिड

Ans- 1

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यहाँ हमने आगामी सीटीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थीयो के लिए ”पक्षियों” से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (EVS MCQ on Birds For CTET) विषय के महत्वपूर्ण सवालों का अध्ययन किया है CTET सहित सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए आप हारे TELEGRAM CHANNEL के सदस्य जरूर बने Join Link नीचे दी गई है?

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CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

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Albert Bandura's Social Learning Theory for CTET AND TET Exams
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Albert Bandura Theory Based Questions CTET: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन सीबीएसई बोर्ड के द्वारा 28 दिसंबर 2022 से किया जा रहा है। परीक्षा वर्तमान समय में जारी है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगी। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो यहां पर हम आपके लिए अल्बर्ट बंडूरा के द्वारा दिए गए सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। जो कि आपको परीक्षा में बेहद काम आने वाले हैं। विगत शिफ्ट में इस टॉपिक से प्रश्न पूछे जा रहे हैं। ऐसे में आगामी चरण में भी यहां से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न—MCQ on Albert Bandura Social Learning Theory For CTET Exam

1. अल्बर्ट बंडूरा ने प्रयोग किया?

A- कुत्ते पर

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B-गुड़िया पर

C-जोकर पर

D-B और C दोनों पर

Ans- D 

2. सामाजिक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?

A- वाइगोत्सकी

B-जीन पियाजे

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

Ans- C 

3. बंडूरा के अनुसार अनुकरण की प्रक्रिया के कितने चरण हैं?

A- पांच

B- सात

C- चार

D-दस

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Ans- C 

4. अल्बर्ट बंडूरा ने अपना सिद्धान्त कब दिया?

A-1994

B-1977

C-1897

D-1920

Ans- B 

5. जिस माध्यम से बच्चा अनुकरण के द्वारा सीखता है उसे अल्बर्ट बंडूरा ने क्या कहा?

A-उत्पाद

B-मॉडल

C-स्की मा

D- पुनर्बलन

Ans- B

6. Social Foundations of Thought and Action पुस्तक किसकी है

A- जीन पियाजे

B-अरस्तू

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

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Ans- C 

7. …………… के अनुसार, बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

A-लॉरेंस कोलबर्ग

B-जीन पियाजे

C-लेब वायगोट्स्की

D-अलबर्ट बैन्डुरा

Ans- C 

8. – बच्चों को संकेत देना तथा आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?

A-प्रबलन

B-अनुबंधन

C-मॉडलिंग

D-पाड़ (ढाँचा)

Ans- D

9. अल्बर्ट बैन्ड्यूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार निम्न में से कौन-सा सही है?

A-बच्चों के सीखने के लिए प्रतिरूपण (मॉडलिंग) एक मुख्य तरीका है

B-अनसुलझा संकट बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है

C-संज्ञानात्मक विकास सामाजिक विकास से स्वतंत्र है

D-खेल अनिवार्य है और उसे विद्यालय में प्राथमिकता दी जानी चाहिए

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Ans- A 

10. कोहलबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्य का विकास कर सकता है-

A-” कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए ” इस पर कठोर निर्देश देकर

B-धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर

C- व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर

D-नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके

Ans- D

11. लारिंस कोहलबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते हैं।

A-संज्ञानात्मक

B-शारीरिक

C-नैतिक

D- गामक

Ans- C 

12. कोहलबर्ग के अनुसार सही और गलत प्रश्नों के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को कहा जाता है

A-सहयोग की नैतिकता

B-नैतिक तर्कणा

C-नैतिक यथार्थवाद

D-नैतिक दुविधा

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Ans- B

13. लॉरेंस कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों का अनुसरण करते हैं?

(1) आज्ञापालन और दंड – – उन्मुखीकरण

(2) वैयक्तिकता और विनिमय

(3) अच्छे अंत : वैयक्तिक संबंध

(4) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार

A-2 और 1

B-2 और 4

C-1 और 4

D-1 और 3

Ans- A 

14. करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चों के बावजूद आय कर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते, जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करती हैं । वे संभवतः कोहलबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?

A-परंपरागत

B-पश्च परंपरागत

C-पूर्व परंपरातगत

D-परा-परंपरागत

Ans- B

15. एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, ‘सभी प्रकार के प्रदत्त’ कार्यों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके, अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें। वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

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A-पूर्व औपचारिक चरण 2 वैयक्तिकता और विनिमय

B-औपचारिक चरण 4 कानून और व्यवस्था

C-पर – औपचारिक चरण 5 सामाजिक संविदा

D- पूर्व – औपचारिक चरण 1 दंड परिवर्जन

Ans- B

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