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CTET Math Pedagogy: आने वाली शिफ्ट में पूछे जा सकते हैं ‘गणित शिक्षण शास्त्र’ से जुड़े ये प्रश्न!

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MCQ on Math For CTET Exam
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Math Pedagogy For CTET Paper 2: शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने के लिए देश के लाखों अभ्यर्थी हर वर्ष सीटेट परीक्षा में शामिल होते हैं । इस परीक्षा का आयोजन सीबीएसई के द्वारा किया जाता है। सत्र 2022 के लिए सीटेट परीक्षा का आयोजन वर्तमान समय में किया जा रहा है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगा। यदि आप की भी परीक्षा आने वाले इन दिनों में होने वाली है, तो यहां पर दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। इस आर्टिकल में हम गणित पेडागोजी के कुछ ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्न आपके साथ शेयर कर रहे हैं, जो कि आपको परीक्षा में अच्छा स्कोर करने में बेहद मददगार साबित हो सकते हैं।

गणित पेडागोजी के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न—CTET Exam Math Pedagogy Important MCQ

Q. Which of the following concepts can be explained using the given illustration?/निम्नलिखित में से किस अवधारणा को दिए गए दृष्टांत का उपयोग करके समझाया जा सकता है?

— +5= √16

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1. Variables in algebraic expression/बीजीय व्यंजक में चर 

2. Constant value in algebraic expression/बीजीय व्यंजक में स्थिरांक मान

3. Cube roots/घन मूल

4. Algebraic equation/बीजीय समीकरण

Ans- 4 

Q. A teacher cuts a circular paper into thin sectors and aligns them to form rectangle. This is an activity to illustrate a way to derive/एक शिक्षक एक वृत्ताकार कागज़ को छोटे-छोटे त्रिज्यखण्डों में काटता है और उन्हें आयत बनाने के लिए संरेखित करता है। यह एक गतिविधि है, जो ———– व्युत्पन्न करने के तरीके को दर्शाती है – 

1. Circumference of the circle/वृत्त की परिधि

2. Formula for area of the circle/वृत्त के क्षेत्रफल का सूत्र

3. Diameter of the circle/वृत्त का व्यास

4. Transformation of circle to rectangle/वृत्त का आयत में रूपांतरण

Ans- 2 

Q. A teacher tells her students to draw a few triangles using a ruler and pencil on a sheet of paper. She tells them to find the sum of their angles by measuring each angle with a protractor and note it down. The students realize that the sum of angles is close to 180° or 180° in each case. This is an example of which approach of teaching?/ शिक्षिका छात्रों को कागज़ पर पैमाने (रूलर) और पेन्सिल की सहायता से कुछ त्रिभुज बनाने को कहती है। फिर वे उन्हें चाँदा (प्रोटेक्टर) से त्रिभुजों के कोणों को ज्ञात कर, हर त्रिभुज के कोणों का योग ज्ञात करने को कहती है। छात्र यह पाते हैं कि हर त्रिभुज के कोणों का योग लगभग 180 / या पूरा 180° है। यह उदाहरण किस शिक्षण विधि को दर्शाता है?

1. Generalization/सामान्यीकरण की विधि

2. Teacher-centric approach/शिक्षक- केंद्रित विधि

3. Deductive approach/निगमनात्मक विधि 

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4. Inductive approach/आगमनात्मक विधि

Ans- 4 

Q. While teaching mathematics, a teacher arrives at a statement: ‘A implies B’ 

This means/गणित पढ़ाते हुए एक अध्यापिका इस कथन पर पहुँचती है: “A का निहितार्थ B है।” इसका अर्थ है –

1. A is a necessary condition for B/B होने के लिए A आवश्यक प्रतिबंध है।

2. B is a necessary condition for A/A होने के लिए B आवश्यक प्रतिबंध है।

3. A is the sufficient condition for B/ B होने के लिए A पर्याप्त प्रतिबंध है। 

4. A is both necessary and sufficient condition for B/ B होने के लिए A दोनों आवश्यक और पर्याप्त प्रतिबंध है।

Ans- 1

Q. Mr, Paramjit is teaching Geometry to his students at upper primary level. Which of the following methods is used most commonly in mathematics classrooms for geometrical proofs./श्रीमान परमजीत उच्च माध्यमिक स्तर के अपने विद्यार्थियों को ज्यामिति पढ़ा रहे हैं। ज्यामिति उपपत्ति के लिए निम्न में से कौन-सी विधि गणित की उच्च प्राथमिक कक्षाओं में सामान्यतः उपयोग की जाती है?

1. Deductive method/निगमनिक विधि

2. Inductive method /आगमनिक विधि

3. Proof by contradiction/विरोध से उपपत्ति

4. Proof by counter example/प्रत्युदाहरण से उपपत्ति

Ans- 1

Q. Which of the following statements is indicative of ‘Mathematisation of the child’s thought process’?/निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा बच्चे की विचार प्रक्रिया का गणितीकरण’ का संकेत देता है?

1. Procedure and Drill of problems with mathematics implies mathematisation of child’s thought process./गणित की समस्याओं के अभ्यास और ड्रिल में बच्चे की विचार प्रक्रिया का गणितीकरण समाविष्ट है।

2. Mathematics Education should focus on knowing how to mathematize rather than on knowing a lot of mathematics./गणित की शिक्षा बहुत सारी गणित जानने के बजाय यह जानने पर केन्द्रित होनी चाहिए कि गणितीकरण कैसे किया जाए।

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3. Studying mathematics upto class XII would lead to mathematisation of child’s mind./कक्षा 12 तक गणित को पढ़ना, बच्चे के मस्तिष्क का गणितीकरण कर

4. Participating in Olympiads would lead to mathematisation of child’s mind./ओलंपियाड में भाग लेना बच्चे के मस्तिष्क का गणितीकरण कर देगा।

Ans- 2 

Q. Which of the following is NOT an advantage of ‘Analytical rubrics’? Options:/निम्नलिखित में से कौन-सा विश्लेषणात्मक रूब्रिक का लाभ नहीं है?

1. It gives diagnostic information to teacher/यह शिक्षक को नैदानिक जानकारी देता है। 

2. It gives formative feedback to students/यह छात्रों को रचनात्मक प्रतिपुष्टि देता है। 

3. It is good tool for summative assessment/यह योगात्मक मूल्यांकन के लिए अच्छा साधन है।

4. It is easier to link to instructions than to holistic rubrics./समग्र रूब्रिक की तुलना में निर्देश से जुड़ना आसान है।

Ans- 3 

Q. If the objective of teaching mathematics is related to developing creative thinking among students, which of the following method / strategy is appropriate : Options:/यदि गणित पढ़ाने का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करना है, तो निम्नलिखित में से कौन-सी विधि/रणनीति सर्वाधिक उपयुक्त होगी?

1. Use of formal algorithms. /औपचारिक कलनविधि का उपयोग 

2. Use of multiple closed-ended problems./एकाधिक बंद सिरे वाली समस्याओं का उपयोग

3. Use of lecture method./व्याख्यान विधि का प्रयोग 

4. Use of multiple solution task/एकाधिक समाधान वाले कार्यों का उपयोग .

Ans-  4 

Q. Which of the following activities will help teachers to promote problem solving in mathematics among learners?/निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप गणित में समस्या समाधान को अधिगमकर्ताओं में प्रोत्साहित करने में शिक्षक की सहायता करेगा?

1. Conducting interclass quizzes./अंतः कक्षा पहेलियाँ प्रश्नोत्तरी का संचालन करना

2. Solving the problems and reflecting back on solutions./प्रश्नों को हल करना और हल को वापस जाँचना 

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3. Organizing a mathematical fair./. गणित मेले का आयोजन करना

4. Using mathematical models for teaching./पढ़ाने के लिए गणितीय प्रतिमानो (मॉडल) का प्रयोग करना

Ans- 2 

Q. Which of the following tasks is least likely to develop critical thinking in mathematics among students?/निम्नलिखित में से कौन-से कार्य से छात्रों में गणित में आलोचनात्मक चिंतन को विकसित करने की न्यूनतम संभावना है?

1. Evaluate 72X63 in three different ways and compare the results./72 x 63 को तीन विभिन्न तरीकों से हल करो और परिणामों की तुलना करो।

2. Formulate any two situations to represent the equation 7x+ 3 = 24./समीकरण 7x + 3 = 24 को प्रदर्शित करने वाली दो स्थितियों को सूत्रबद्ध करो।

3. A student calculated the volume of a right circular cylinder of radius 3.5cm and height 10cm as 38.5cm3. Where did she go wrong?/एक छात्रा ने त्रिज्या 3.5 cm और ऊँचाई 10 Cm वाले एक लंबवृत्तीय बेलन का आयतन 38.5 cm ज्ञात किया। उसने कहाँ पर गलती की? 

4. Calculate the volume of a right circular cylinder of radius 3.5cm and height 10cm./त्रिज्या 3.5 cm और ऊँचाई 10 cm वाले एक लंबवृत्तीय बेलन का आयतन ज्ञात करो ।

Ans- 4

Q. Which of the following is the most appropriate strategy for introducing the concept of multiplication of two fractions in the middle school?/माध्यमिक विद्यालय में दो भिन्नों के गुणन की संकल्पना का परिचय देने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी सर्वाधिक उपयुक्त प्रणाली है?

1. The algorithm should be used to introduce the concept./संकल्पना का परिचय देने के लिए कलन विधि का प्रयोग किया जाना चाहिए 

2. The process should be visually represented./प्रक्रिया का चित्रात्मक रूप में प्रदर्शन करना चाहिए

3. Multiplication repeated as addition should be emphasised./महत्त्व दिया जाना चाहिए संख्याओं कि गुणन पुनरावृत योग है

4. Multiplication as inverse of division should be emphasised./महत्त्व दिया जाना चाहिए कि गुणन विभाजन प्रतिलोभ है

Ans- 2 

Q. Which of the following would NOT qualify as a higher aim of teaching mathematics?/निम्नलिखित में से गणित शिक्षण के उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करने की विशेषता नहीं है?

1. To help students understand the basic structure of mathematics relationships/विद्यार्थियों को गणित की आधारभूत संरचना को समझने में सहायता करना ।

2. To enable students to identify /विद्यार्थियों को सम्बन्ध पहचानने में समर्थ  बनाना।

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3. To train students in mechanical calculations/विद्यार्थियों को यांत्रिक परिकलन में प्रशिक्षित करना।

4. To enable students to handle abstractions/विद्यार्थियों को अमूर्त प्रत्ययों को संचालित करने में समर्थ करना।

Ans- 3 

Q. Identify the correct statement from among the following./निम्नलिखित में से सही कथन को पहचानिए।

1. Formal proofs are obtained only by inductive reasoning. /औपचारिक उपपत्ति को केवल आगमनिक तर्कणा से प्राप्त किया जा सकता है।

2. Hypotheses are always formulated only through deductive logic./परिकल्पनाएँ सदा निगमनिक तर्कों द्वारा सूत्रबद्ध होती हैं। 

3. Conjectures have no role in construction of mathematical knowledge./गणितीय ज्ञान की संरचना में अनुमान लगाने की कोई भूमिका नहीं होती है। 

4. Counter-examples are helpful in  assessing the validity of generalisations./सामान्यीकरण की वैधता को निर्धारित करने के लिए प्रति उदाहरण सहायक होते हैं।

Ans- 4 

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यहाँ हमने आगामी सीटीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थीयो के लिए ‘गणित शिक्षण शास्त्र’ से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (Math Pedagogy For CTET Paper 2) विषय के महत्वपूर्ण सवालों का अध्ययन किया है CTET सहित सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए आप हारे TELEGRAM CHANNEL के सदस्य जरूर बने Join Link नीचे दी गई है। 

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

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CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

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परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

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CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

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Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
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Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

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 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

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3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

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3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

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3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

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3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

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3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

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