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सीटेट 2022: परीक्षा में पूछे जा रहे है, कोहलबर्ग के सिद्धांत ऐसें प्रश्न, पढ़ें 15 ज़रूरी सवाल

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CTET 2022
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Kohlberg’s Theory based questions CTET 2022: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सीटीईटी परीक्षा 28 दिसम्बर से शुरू की जा चुकी है जो की 7 फ़रवरी तक आयोजित की जाएगी। बोर्ड द्वारा परीक्षा के एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जारी कर दिये गये है।

28 दिसंबर को CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 में कोहलवर्ग के सिद्धांत पर 2 से 3 सवाल पूछे गये थे, यदि आपकी परीक्षा भी आगामी शिफ्ट में होनी वाली है तो आपको कोहलवर्ग के सिद्धांत पर आधारित सवालो को ज़रूर पढ़ लेना चाहिए इस आर्टिकल में हमने कुछ बेहद महत्वपूर्ण संभावित प्रश्न शेयर किए है जो आपको परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने में मदद कर सकते है।

सीटेट परीक्षा के लिए कोहलबर्ग के सिद्धांत से संबंधित प्रश्न— Kohlberg Moral Development Questions For CTET Exam

1. At which stage of Lawrence Kohlberg’s theory of moral development do children ignore the intention of others and instead focus on the fear of authority and negative consequences ? 

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लॉरेंस कोहलवर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के किस चरण में बच्चे दूसरों के इरादों की उपेक्षा करते हैं। और इसके बजाय अधिकार और नकारात्मक परिणामों के डर पर ध्यान केंद्रित करते हैं?

(a) Punishment and Obedience orientation सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास 

(b) Good-Boy-Good-girl orientation अच्छा लदल्का अच्छी लड़की अभिविन्यास 

(c) Law and Order Orientation कानून और व्यवस्था अभिविन्यास 

(d) Social Contract orientation सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास

Ans- a 

2. According to Lawrence Kohlberg, what is the primary basis for 7-8 year-old children’s moral decisions?

 लॉरेन्स कोहलबर्ग के अनुसार, सात-आठ वर्षीय बच्चों में नैतिक निर्णय लेने का आधार क्या है? 

(a) Social order maintenance/सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना

(b) Social contract maintenance / सामाजिक अनुबन्ध बनाए रखना 

(c) Punishment and obedience / दण्ड और आज्ञापालन

(d) Universal Ethical Principle / सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत

Ans- c 

3. Which of the following stage is NOT proposed by Lawrence Kohlberg in his theory of Moral reasoning?

निम्नलिखित में से कौन सा चरण, लारेंस कोहलबर्ग द्वारा दिए गए नैतिक विकास में शामिलन नहीं है?

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(a) Conventional stage / पारंपरिक चरण 

(b) Unconventional stage / अपारंपरिक चरण 

(c) Post Conventional stage / उत्तर-पारंपरिक 

(d) Pre Conventional stage / पूर्व पारंपरिक चरण

Ans- b 

4. At which stage of Lawrence Kohlberg’s moral development theory do individuals reason that human rights and justice is most important even if they go against the societal laws?

लॉरेन्स कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के किस स्तर पर व्यक्ति यह तर्क करते हैं कि मानवाधिकार व न्याय सबसे जरूरी है, भले ही वह सामाजिक कानून के खिलाफ हो? 

(a) Obedience and Punishment Orientation / आज्ञापालन एवं दंड अभिविन्यास 

(b) Good boy-good girl orientation / अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास

(c) Authority and social-order maintaining orientation / अधिकारिता एवं सामाजिक क्रम व्यवस्था अभिविन्यास 

(d) Universal Ethical Principles orientation/ सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त अभिविन्यास

Ans- d 

5. Amrit reasons that we can change laws if they do not meet the needs of the society but it should be done through mutual agreement and democratic process. According to Lawrence Kohlberg at which stage of moral reasoning does Amrit come under?

अमृत तर्क देता है कि हम कानूनों को बदल सकते हैं यदि वे समाज की ज़रूरतों को पूरा नहीं करते हैं लेकिन यह आपसी सहमति और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। लॉरेंस कोहलबर्ग के अनुसार अमृत नैतिक तर्क की किस अवस्था में आता है?

(a) Social order orientation सामाजिक व्यवस्था अभिविन्यास

(b) Social contract orientation सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास 

(c) Universal ethics principles सार्वभौमिक नैतिक सिद्धान्त अभिविन्यास

(d) Good boy Good girl orientation अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास

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Ans- b 

6. At which of stage of Lawrence Kohlberg’s moral development do individuals argue that only society not individuals can determine what is right? 

लॉरेंस कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के किस स्तर पर व्यक्ति यह तर्क देते हैं कि केवल समाज ही तय कर सकता है कि क्या सही है, क्या नहीं? 

(a) Obedience and Punishment Orientation आज्ञापालन एवं दण्ड अभिविन्यास

(b) Good boy-good girl orientation अच्छा लड़का अच्छा लड़की अभिविन्यास 

(c) Authority and social order maintaining orientation अधिकारिता एवं सामाजिक क्रम व्यवस्था अभिविन्यास

(d) Universal Ethical Principles orientation सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

Ans- c 

7. Identify the reasoning that underlines the stage of ‘Social contract orientation’ in Lawrrence Kolhberg’s theory of moral development. 

उस तर्क की पहचान करें जो लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में ‘सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास’ के चरण को रेखांकित करता है? 

(a) Understanding of ideal reciprocity आदर्श पारस्परिकता की समझ । 

(b) Rules are vital for ensuring societal order सामाजिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नियम महत्त्वपूर्ण हैं।

(c) Laws and rules are flexible instruments for furthering human purposes. मानव उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए कानून और नियम लचीले उपकरण हैं। 

(d) Right action is defined by self-chosen ethical principles of conscience विवेक के स्व- चुने हुए नैतिक सिद्धांतों द्वारा सही कार्यवाही को परिभाषित किया गया है।

Ans- c

8. Aashna does good because she would like to be seen as good by other people. At which stage of moral development is she according to Lawrence Kohlberg ? 

आशना अच्छा करती है क्योंकि वह दूसरों द्वारा अच्छा देखा जाना चाहती है। वह लॉरेन्स कोहबर्ग के नैतिक विकास के किस चरण में है?

(a) Pre-conventional / पूर्व पारंपारिक  

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(b) Conventional / पारंपारिक 

(c) Post-conventional / उत्तर- पारंपारिक 

(d) Formal Operational / अमूर्त-संक्रियात्मक 

Ans- b 

9. The Kohlberg’s model of moral development has which of the following characteristics?

निम्न में से कौन-सा अभिलक्षण, कोहलबर्ग के नैतिक विकास मॉडल में सम्मिलित है ?

(a) Stages of moral development are universal in nature./नैतिक विकास के चरणों का स्वरूप सार्वभौमिक होता है। 

(b) There is continuity in development of moral thinking. / नैतिक चिंतन के विकास में निरंतरता होती

(c) Moral development is not an orderly process; it is entirely dependent on environmental factors. / नैतिक विकास एक क्रमिक प्रक्रिया नहीं है: यह सम्पूर्ण रूप से बातावरणीय कारकों पर निर्भर है।

(d) Moral development is dependent primarily on cultural values. / नैतिक विकास मुख्यतः सांस्कृतिक मूल्यों पर निर्भर है।

 Ans- a 

10. In Lawrence kohlberg’s theory of moral development “Obeying rules to avoid punishment” represents –

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार “सजा टालने के लिए नियमों का पालन करना” किस चरण को दर्शाता है?

(a) Pre-conventional stage / प्रथा-पूर्व चरण 

(b) Formal operational stage / अमूर्त संक्रियात्मक चरण

(c) Conventional stage / प्रथागत चरण  

(d) Post conventional stage / उत्तर-प्रथागत चरण 

Ans- a 

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11. Pooja tells her friend that we should follow class rules else the teacher will not allow us to play outside. Pooja is at which stage of moral development according to Lawrence Kohlberg?

पूजा अपनी दोस्त को कहती है कि हमें कक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए वरना शिक्षिका हमें बाहर खेलने की अनुमति नहीं देगी। पूजा लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के किस चरण में है? 

(a) obedience and punishment Orientation / आज्ञापालन एवं दण्ड अभिविन्यास 

(b) Good boy-good girl orientation/ अच्छा लड़का अच्छी लड़की अभिविन्यास 

(c) Authority and social-order maintaining orientation / अधिकारिता एवं सामाजिक क्रम व्यवस्था अभिविन्यास

(d) Universal Ethical Principal Orientation / सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास

Ans- a 

12. Individuals reason that- ‘Right action is defined by self-chosen ethical principles of conscience’ in Kolhberg’s stage of –

कोहलबर्ग के किस चरण में व्यक्ति तर्क करते हैं कि ‘सही कार्यवाही विवेक के स्व-चुने हुए नैतिक सिद्धांतों द्वारा परिभाषित की जाती है’

(a) Good girl-good boy orientation अच्छी लड़की अच्छा लड़का अभिविन्यास

(b) Social contract orientation सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास

(c) Social order maintaining orientation सामाजिक व्यवस्था बनाने का अभिविन्यास 

(d) Universal ethical principles सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास 

Ans- d 

13. In order to facilitate the learning process, a teacher should use strategies which emphasise on:

अधिगम प्रक्रिया को सुसाध्य करने के लिए, एक अध्यापिका को ऐसे इस्तेमाल करने चाहिए: 

(a) the progression of concept from complex to simple जिसमें संकल्पों का प्रगतिकरण जटिलता से सरलता की ओर हो।

(b) the primacy of convergent thinking./ जो अपसारी चिंतन को प्राथमिकता दें। 

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(c) exploring the relationships between different concepts./ जो विभिन्न संकल्पों के बीच सम्बंध खोजने को महत्व दें।

(d) creating competitive culture among students. / जो विद्यार्थियों के बीच प्रतिद्वंद्विता रूपी संस्कृति पैदा करें।

Ans- c

14. In Kohlberg’s moral development theory, stage 3 at level 2, conventional morality is referred to as:

कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में दूसरे स्तर “पारंपरिक नैतिकता” की तीसरी अवस्था को क्या कहा जाता है ?

(a) The obedience and punishment orientation / आज्ञापालन और दण्ड अभिविन्यास 

(b) “Good boy-good girl” orientation / “अच्छा लड़का” “अच्छी लड़की” अभिविन्यास 

(c) The law and order orientation / कानून और आदेशपालन अभिविन्यास 

(d) The social contract and individual rights orientation / सामाजिक समझौते और व्यक्तिगत आधार अभिविन्यास

Ans- b 

15. According to the theory of Lawrence Kohlberg, at which level is moral thinking based on taking initial perspective of the society ? 

लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार किस चरण पर नैतिक चिन्तन शुरुआती सामाजिक परिप्रेक्ष्य पर आधारित होता है?

(a) Pre conventional / पूर्व पारंपरिक चरण

(b) Conventional / पारंपरिक चरण

(c) Post-conventional / उत्तर पारंपरिक चरण

(d) Late-conventional / दूरस्त पारंपरिक चरण

Ans- b 

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

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CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

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परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

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CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

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Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
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Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

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 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

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3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

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3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

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3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

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3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

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3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

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