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CTET 2022-23: ‘CCE, NCF 2005 and RTC Act 2009’ से जुड़े परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न यहां पढ़ें!

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CTET MCQ on CCE NCF 2005 and RTC Act 2009
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CTET MCQ on CCE NCF 2005 and RTC Act 2009: देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा जिसे हम सीटेट के नाम से जानते हैं, के सोलवे संस्करण का आयोजन 28 दिसंबर 2022 से शुरू हो चुका है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगा बता दे कि इस परीक्षा के लिए देश भर से लाख उम्मीदवारों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। परीक्षा का आयोजन 2 शिफ्टों में ऑनलाइन मोड में देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जा रहा है।

अगर आप की भी परीक्षा आने वाले इन दिनों में होने वाली है, तो इस आर्टिकल में हम आपके लिए परीक्षा में पूछे जा रहे सतत एवं व्यापक मूल्यांकन, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण प्रश्न (CTET MCQ on CCE NCF 2005 and RTC Act 2009) लेकर आए हैं। जो कि आगामी शिफ्ट में पूछे जा सकते हैं, इस टॉपिक से पेपर में एक से दो प्रश्न पूछे जा रहे हैं, अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का अध्ययन ध्यानपूर्वक करना चाहिए ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके।

सीटेट परीक्षा में पूछे जा रहे हैं ऐसे प्रश्नCCE NCF 2005 and RTC Act 2009 Important MCQ For CTET Exam

1. The word ‘Comprehensive’ in continuous and comprehensive evaluation is related to

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सतत् एवं व्यापक मूल्याँकन में ‘समग्र’ शब्द किससे संबंधित है?

1) Cognitive Level / संज्ञानात्मक स्तर से 

2) Co-curricular Activities / सह-पाठ्यचर्चा क्रियाकलाप से

3) Holistic Development / समग्र विकास से 

4) Scholastic Areas / शैक्षिक क्षेत्र से 

Ans-  3 

2. A teacher closely observes children through the year when they are engaged in learning activities, compiles samples of their work and maintains an observation diary of individual children. This type of evaluation is –

एक अध्यापिका पूरे वर्ष के दौरान अधिगम संबंधी गतिविधियों में संतन बच्चों का बारीकी से अवलोकन करती है, उनके कामों के नमूनों का संकलन करती है और प्रत्येक बच्चे के लिए अवलोकन डायरी भी रखती है। इस प्रकार का मूल्यांकन क्या कहलाता है?

1) standardized and uniform. / मानक एवं एकरूप

2) summative and teacher-oriented. / योगात्मक एवं अध्यापक केन्द्रित

3) continuous and comprehensive. / सतत एवं व्यापक

4) norm-referenced and contextual. / मानक आधारित एवं संदर्भ युक्त

Ans- 3 

3. Continuous and comprehensive evaluation entails which of these -/सतत् और व्यापक मूल्यांकन में निम्नलिखित में से क्या शामिल है? 

i) planning on parameters and tools of evaluation./मूल्यांकन के मापदंडों और उपकरणों की योजना बनाना ।

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ii) meticulous record keeping by the teacher. /शिक्षक द्वारा सावधानीपूर्वक रिकॉर्ड, अभिलेख को तैयार करना ।

Iii) periodic testing and ranking of children./बच्चों का समय-समय पर परीक्षण करना एवं उनको श्रेणीबद्ध करना।

iv) integration with the teaching-learning process./शिक्षण को अधिगम प्रक्रिया के साथ एकीकृत करना। 

1) (i), (ii), (iv)

2) (ii), (iv)

3) (i), (ii), (i)

4) (i), (iii)

Ans- 1 

4. Which of the following statements about continuous and comprehensive evaluation is NOT correct?

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सतत और व्यापक मूल्यांकन के सन्दर्भ में सही नहीं है?

1) It is an easy way for the teachers to test learners frequently. / यह शिक्षकों के लिए छात्रों का निरंतर परीक्षण करने का आसान तरीका है।

2) It is the latest development in the teaching learning process. / यह शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में नवीनतम विकास है।

3) It creates interest among the learners for studies. / यह छात्रों में अध्ययन के प्रति रुचि पैदा करता है।

4) Conventional paper pen tests do not assess all the attributes and abilities of learners. / पारंपरिक कागज-कलम परीक्षण छात्रों की सभी विशेषताओं और क्षमताओं का आकलन नहीं कर पाते हैं।

Ans- 1 

5. The ‘continuous’ aspect in continuous and comprehensive evaluation implies-

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन’ में सतत से क्या अभिप्राय है?

1) continuous observation and support to children during teaching learning, employing different tools. / अध्यापन के दौरान विभिन्न उपकरणों का प्रयोग करते हुए छात्रों का साथ-साथ मूल्यांकन करना एवं उनकी सहायता करना

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2) continuous comparison of learner’s performances with one another through marks, grades and other means. / अंकों, ग्रेड व अन्य प्रकार से छात्रों की उपलब्धि की सतत तुलना करना 

3) conducting formal ‘paper-pencil’ tests in fixed intervals throughout the academic session. / निश्चित अंतराल पर पूरे शैक्षणिक वर्ष में औपचारिक पेपर-पेसित परीक्षा तेना

4) periodic testing of children to gauge their ability of memorisation and recall. / समय-समय पर बच्चों के स्मरण और प्रत्याहान की योग्यता का मापन करना

Ans- 1 

6. Continuous and Comprehensive Evaluation emphasizes

सतत और व्यापक मूल्यांकन पर जोर देता है

1) continuous testing on a comprehensive scale to ensure learning. / सीखने को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक पैमाने पर निरंतर परीक्षण |

2) how learning can be observed, recorded and improved upon. / सीखने का अवलोकन, रिकॉर्ड और सुधार कैसे किया जा सकता है।

3) fine-tuning of tests with the teaching. / शिक्षण के साथ परीक्षाओं का ठीक समस्वरण

4) redundancy of the Board examination. / बोर्ड परीक्षा का बाहुल्य ।

Ans- 2 

7. The primary goal of continuous and comprehensive evaluation is-

निम्नलिखित में से कौन सा सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का प्राथमिक उद्देश्य है?

1) to compare students performance with one another. / छात्रों के प्रदर्शन की एक दूसरे से तुलना करना।

2) to assess children’s understanding and modify the curriculum and pedagogy for students. / छात्रों की समझ का आकलन करना और पाठ्यक्रम तथा शिक्षाशास्त्र को इसको अनुसार रूपान्तरित करना।

3) to assign ranks to students as per their performance. / छात्रों का उनके प्रदर्शन के अनुसार वर्गीकरण करना।

4) to declare students as ‘pass’ or ‘fail in particular subjects. / छात्रों को किसी विषय में ‘सफल’ और ‘विफल’ घोषित करना।

Ans- 2 

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8. According to NCF, 2005, the role of a teacher has to be:

NCF, 2005 के अनुसार, एक शिक्षक की भूमिका होनी चाहिए:

1) permissive / अनुज्ञात्मक 

2) facilitative / सुविधादाता 

3) authoritative / अधिकारपूर्ण 

4) dictatorial / तानाशाही 

Ans- 2 

9. While conceptualising teaching-learning process, National curriculum framework (2005) emphasizes upon the importance of- 

शिक्षण अधिगम प्रक्रिया की अवधारणा करते समय, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (2005) निम्न में से किसके महत्त्व पर बल देती है?

1) active engagement and interactions. / सक्रिय संतग्रता और अंत किया

2) drill and repeated practice. / ड्रिल और बार-बार अभ्यास

3) rote-memorisation of content. / विषयवस्तु को रट कर याद करना 

4) stimulus-response associations. / उद्दीपन प्रतिक्रिया साहचर्य

Ans- 1 

10. As per National curriculum framework (2005), children-

राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (2005) के अनुसार-

1) are passive recipients of content delivered by teacher. / बच्चे शिक्षक द्वारा दी गयी विषयवस्तु के निष्क्रिय प्राप्तकर्ता हैं।

2) don’t have the capacity to regulate their learning. / बच्चों में अधिगम को विनियमित करने की क्षमता नहीं होती है।

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3) learn best through rote memorization. / बच्चे रटने के माध्यम से सर्वश्रेष्ठ सीखते हैं। 

4) play active role in construction of knowledge. / बच्चे ज्ञान के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

Ans- 4 

11. NCF 2005 emphasises on Constructivist Approach of learning as it focuses on

NCF 2005 सीखने के रचनावादी दृष्टिकोण पर जोर देता है। क्योंकि यह निम्र पर ध्यान केंद्रित करता है.

1) memorization of definitions and formulae. / परिभाषाओं और सूत्रों का स्मरण

2) submission of regular homework / नियमित गृहकार्य प्रस्तुत करना

3) active participation of learner through engaging activities / आकर्षक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षार्थी की सक्रिय भागीदारी

4) effective lecture and instructions by the teacher / शिक्षक द्वारा प्रभावी व्याख्यान और निर्देश

Ans- 3 

12. The National Curriculum Framework – 2005 derives its understanding from-

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 इसकी समझ से प्राप्त होती है-

1) humanism / मानवतावाद 

2) behaviourism / व्यवहारवाद 

3) constructivism / रचनवाद 

4) cognitive theories / संज्ञानात्मक सिद्धान्त 

Ans- 3 

13. As children enter the school- 

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जब बच्चे विद्यालय में प्रवेश करते हैं-

1) They should be allowed to speak in their mother tongue since expression is important. / उन्हें अपनी मातृभाषा में बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण है।

2) They should be fined for not speaking in the language of the school. / विद्यालय की भाषा में बात नहीं करने के लिए उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। 

3) They should be told categorically that school has a different language and they should not speak in their mother tongue at all. / उन्हें स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि विद्यालय की एक अलग भाषा है और उन्हें अपनी मातृभाषा में बिलकुल भी नहीं बोलना चाहिए। 

4) Their parents should be told to use the language of the school only at home. / उनके माता-पिता को घर पर भी विद्यालय की भाषा का प्रयोग करने के लिए कहा जाना चाहिए।

Ans- 1 

14. According to National Curriculum Framework (NCF) 2005;

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा, 2005 के अनुसार:

1) Narrow aim of teaching mathematics is to teach numbers and numbers concepts and higher aims is to teach measuremets. / गणित शिक्षण का संकीर्ण उद्देश्य संख्याएँ एवं संख्या अवधारणा सिखाना और उच्चतर उद्देश्य मापन सिखाना है। 

2) Narrow aim of teaching mathematics is to teach precise calculation and higher aim to teach calculus / गणित शिक्षण का संकीर्ण उद्देश्य सटीक गणना करना सिखाना है और उच्चतर उद्देश्य कलन पढ़ाना है

3) The narrow aim of teaching mathematics is to develop numeracy related skills and the higher aim is to develop problem solving skills / गणित शिक्षण का संकीर्ण उद्देश्य संख्या. संबंधी कोशत विकसित करना और उच्चतर उद्देश्य समस्या समाधान का कौशल विकसित करना है। 

4) Narrow aim of teaching mathematics is to develop mathematical language and higher aim is to solve word problems / गणित शिक्षण का संकीर्ण उद्देश्य गणितीय भाषा को विकसित करना और उच्चतर उद्देश्य शाब्दिक प्रश्न (शब्द समस्या) हल करना है।

Ans- 3 

15. Which of the following should be considered while developing evaluation procedure as per the Right of Children to Free and Compulsory Education Act 2009?

निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा बाल अधिकार अधिनयम 2009 के अनुसार मूल्यांकन कार्यप्रणाली के विकास के समय निम्नलिखित में से कौन-सा विचारणीय होना चाहिए?

1) Children need to be given home work regularly. / बच्चों को नियमित रूप से गृह कार्य दिया जाना चाहिए। 

2) As far as possible, corporal punishment should be avoided. / जहाँ तक हो सके, शारीरिक दण्ड की उपेक्षा की जानी चाहिए। 

3) Examination should be conducted only after completing the syllabus. / परीक्षा केवल पाठ्यक्रम के पूरा होने के बाद होनी चाहिए। 

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4) Make the child free of fear, trauma and anxiety. / बच्चे को भय, अभिघात और चिंता मुक्त बनाएँ।

Ans- 4

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

इन उम्मीदवारों को मिलेगी एंट्री

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET 2023: ‘पक्षियों’ से जुड़े बेहद रोचक सवाल, जो सीटेट की सभी शिफ्ट में पूछे जा रहे हैं!

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EVS MCQ on Birds For CTET
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EVS MCQ on Birds For CTET: शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने की चाहत लिए लाखों अभ्यर्थी प्रतिवर्ष सीबीएसई के द्वारा संचालित सिटी परीक्षा में शामिल होते हैं। इस वर्ष किस परीक्षा का आयोजन 28 दिसंबर से किया जा रहा है। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो यहां पर हम आपके लिए पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। इस टॉपिक से पेपर में एक से दो प्रश्न पूछे जा रहे हैं अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का अध्ययन एक बार अवश्य कर लेना चाहिए।

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CTET Environment MCQ on Birds—पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न

1) किस प्रकार के पक्षी की चोंच मीट को काटने और खाने के काम आती है?

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1. तिकोने आकार की चोंच

2. सीधी और पतली चोंच

3. हुक जैसी चोंच

4. लम्बी पतली सुई जैसी चोंच

Ans- 3

2) पक्षियों की एक स्पीशीज (प्रजाति) ऐसी है, जिसका नर पक्षी सुन्दर सुन्दर घोंसले बुनता है। मादा पक्षी उन सभी पोसलों को देखती है। उनमें से वह उसे चुनती है जो उसे सबसे अच्छा लगता है और उसी में अंडे देती है। पक्षियों की इस स्पीशीज का नाम है.

1. कोयल

2. वीवर पक्षी

3. शक्कर खोरा

4. वसंत गौरी

Ans- 2

3) अपनी गर्दन को पीछे तक घुमा सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर 

2. तोता

3. उल्लू 

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4. मैना

Ans- 3

4) अपनी गर्दन को झटके से आगे पीछे कर सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर (कपोत)

2. तोता

3. उल्लू

4. मैना

Ans- 4

5) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

6) पक्षियों की उस प्रजाति का नाम क्या है जिसमें नर पक्षी अनेक सुन्दर घोंसले बनाते हैं और मादा पक्षी उनमें से केवल एक घोंसला चुनते हैं और उसमें अण्डे देते हैं? 

1. कलचिड़ी

2. शकरखोरा

3. दर्जिन चिड़िया 

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4. बया (वीवर)

Ans- 4

7. उस पक्षी का नाम जिसकी आंखें मानवों की तरह सामने की तरफ होती हैं:

1. चील

2. बाज

3. गिद्ध

4. उल्लू

Ans- 4

8) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध 

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

9) निम्नलिखित में से कौन सा सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है जो उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से भारत आता है:

1. सीखपर बत्तख (पिनटेल डक)

2. छोटी मतस्यकुररी (ऑस्प्रे) 

3. हंसावर (फ्लेमिंगो) 

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4. छोटी जलरंक (स्टिंट)

Ans- 4

10) एक छोटे से पेड़ या झाड़ी की शाखा से लटकने वाला घोंसला बनाने वाला पक्षी है। 

1. सूर्यपक्षी / शक्कर खोरा

2. कौवा 

3. बारबेट / बसंतगौरी

4. भारतीय रॉबिन / कलचिड

Ans- 1

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यहाँ हमने आगामी सीटीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थीयो के लिए ”पक्षियों” से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (EVS MCQ on Birds For CTET) विषय के महत्वपूर्ण सवालों का अध्ययन किया है CTET सहित सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए आप हारे TELEGRAM CHANNEL के सदस्य जरूर बने Join Link नीचे दी गई है?

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CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

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Albert Bandura's Social Learning Theory for CTET AND TET Exams
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Albert Bandura Theory Based Questions CTET: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन सीबीएसई बोर्ड के द्वारा 28 दिसंबर 2022 से किया जा रहा है। परीक्षा वर्तमान समय में जारी है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगी। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो यहां पर हम आपके लिए अल्बर्ट बंडूरा के द्वारा दिए गए सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। जो कि आपको परीक्षा में बेहद काम आने वाले हैं। विगत शिफ्ट में इस टॉपिक से प्रश्न पूछे जा रहे हैं। ऐसे में आगामी चरण में भी यहां से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न—MCQ on Albert Bandura Social Learning Theory For CTET Exam

1. अल्बर्ट बंडूरा ने प्रयोग किया?

A- कुत्ते पर

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B-गुड़िया पर

C-जोकर पर

D-B और C दोनों पर

Ans- D 

2. सामाजिक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?

A- वाइगोत्सकी

B-जीन पियाजे

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

Ans- C 

3. बंडूरा के अनुसार अनुकरण की प्रक्रिया के कितने चरण हैं?

A- पांच

B- सात

C- चार

D-दस

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Ans- C 

4. अल्बर्ट बंडूरा ने अपना सिद्धान्त कब दिया?

A-1994

B-1977

C-1897

D-1920

Ans- B 

5. जिस माध्यम से बच्चा अनुकरण के द्वारा सीखता है उसे अल्बर्ट बंडूरा ने क्या कहा?

A-उत्पाद

B-मॉडल

C-स्की मा

D- पुनर्बलन

Ans- B

6. Social Foundations of Thought and Action पुस्तक किसकी है

A- जीन पियाजे

B-अरस्तू

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

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Ans- C 

7. …………… के अनुसार, बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

A-लॉरेंस कोलबर्ग

B-जीन पियाजे

C-लेब वायगोट्स्की

D-अलबर्ट बैन्डुरा

Ans- C 

8. – बच्चों को संकेत देना तथा आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?

A-प्रबलन

B-अनुबंधन

C-मॉडलिंग

D-पाड़ (ढाँचा)

Ans- D

9. अल्बर्ट बैन्ड्यूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार निम्न में से कौन-सा सही है?

A-बच्चों के सीखने के लिए प्रतिरूपण (मॉडलिंग) एक मुख्य तरीका है

B-अनसुलझा संकट बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है

C-संज्ञानात्मक विकास सामाजिक विकास से स्वतंत्र है

D-खेल अनिवार्य है और उसे विद्यालय में प्राथमिकता दी जानी चाहिए

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Ans- A 

10. कोहलबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्य का विकास कर सकता है-

A-” कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए ” इस पर कठोर निर्देश देकर

B-धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर

C- व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर

D-नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके

Ans- D

11. लारिंस कोहलबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते हैं।

A-संज्ञानात्मक

B-शारीरिक

C-नैतिक

D- गामक

Ans- C 

12. कोहलबर्ग के अनुसार सही और गलत प्रश्नों के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को कहा जाता है

A-सहयोग की नैतिकता

B-नैतिक तर्कणा

C-नैतिक यथार्थवाद

D-नैतिक दुविधा

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Ans- B

13. लॉरेंस कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों का अनुसरण करते हैं?

(1) आज्ञापालन और दंड – – उन्मुखीकरण

(2) वैयक्तिकता और विनिमय

(3) अच्छे अंत : वैयक्तिक संबंध

(4) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार

A-2 और 1

B-2 और 4

C-1 और 4

D-1 और 3

Ans- A 

14. करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चों के बावजूद आय कर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते, जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करती हैं । वे संभवतः कोहलबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?

A-परंपरागत

B-पश्च परंपरागत

C-पूर्व परंपरातगत

D-परा-परंपरागत

Ans- B

15. एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, ‘सभी प्रकार के प्रदत्त’ कार्यों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके, अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें। वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

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A-पूर्व औपचारिक चरण 2 वैयक्तिकता और विनिमय

B-औपचारिक चरण 4 कानून और व्यवस्था

C-पर – औपचारिक चरण 5 सामाजिक संविदा

D- पूर्व – औपचारिक चरण 1 दंड परिवर्जन

Ans- B

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