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CTET 2022: सीटेट परीक्षा में में सबसे ज्यादा पूछे गए प्रश्न ‘अनुवांशिकता और पर्यावरण’ से जुड़े प्रश्न

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CTET Exam 2022 MCQ on Heredity and Environment
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CTET MCQ on Heredity and Environment: दिसंबर से जनवरी 2023 के बीच में होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में देश भर से 30 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा में अब महज कुछ ही दिनों का समय शेष रह गया है। ऐसे में अभ्यर्थी अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने में व्यस्त होंगे। यहां पर हम परीक्षा में पूछे जाने वाले अनुवांशिकता और पर्यावरण पर आधारित कुछ ऐसे महत्वपूर्ण सवाल आपके साथ शेयर कर रहे हैं। जो कि आपको परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। इस टॉपिक से एक से दो प्रश्न परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को चाहिए कि वह इन प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें जिससे कि बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके।

नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित अनुवांशिकता और पर्यावरण से संबंधित प्रश्न—Heredity and Environment Important Questions For CTET Exam 2022

1. The process of predetermined unfolding of genetic dispositions is called

आनुवंशिक विन्यास के पूर्वनिर्धारित रूप से प्रकट होने की प्रक्रिया ————— कहलाती है।

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(a) adaptation / अनुकूलन

(b) learning / अधिगम

(c) socialization / समाजीकरण

(d) maturation. / परिपक्वता

Ans- d 

2. ———– is a primary and ———— is a secondary agent of socialization.

———— समाजीकरण का प्राथमिक और ————- समाजीकरण का द्वितीयक कारक है।

(a) family, school / परिवार, विद्यालय

(b) media, family / मीडिया, परिवार

(c) school, media / विद्यालय, मीडिया

(d) media, neighbourhood / मीडिया, पास पड़ोस

Ans- a 

3. Which of the following are secondary agencies of socialization?

निम्न में से कौन-सी बच्चों के समाजीकरण के द्वितीयक संस्थाएं हैं?

(1) Family / परिवार 

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(ii) Media / मीडिया 

(iii) Religious institutions / धार्मिक संस्थाएँ

(iv) School / विद्यालय 

(a) (i) (ii) (iv)

(b) (ii) (iii) (iv)

(c) (i) (iii) (iv)

(d) (i) (iv)

Ans- b 

4. Lots of cues about ‘gender appropriate’ ways of behaving come from films and advertisements. This highlights the role of ————  as a ———– agency of socialization

फिल्मों और विज्ञापनों से व्यवहार के जेंडर उपयुक्त तरीकों के बारे में बहुत संकेत मिलते हैं यह समाजीकरण की ————— संस्था के रूप में  ————-  की भूमिका पर प्रकाश डालता  है।

(a) media primary / मीडिया प्राथमिक

(b) media secondary / मीडिया द्वितीयक

(c) school, primary / स्कूल प्राथमिक

(d) school secondary / स्कूल, द्वितीयक

Ans- b 

5. For successful inclusion of students belonging to diverse cultural backgrounds, which of the following should be avoided by the teacher?

विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक सम्मिलित करने के लिए शिक्षक को निम्नलिखित में से किससे बचना चाहिए?

(a) Acknowledge and respect every student. / हर विद्यार्थी को पहचानें और उसका सम्मान करें।

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(b) Give priority to the experiences of dominant groups. / प्रभुत्वशाली समूहों के अनुभवों को प्राथमिकता दें।

(c) Incorporate diversity in the content of teaching./ शिक्षण की सामग्री में विविधता शामिल करें।

(d) Practice cultural sensitivity in classroom./ कक्षा में सांस्कृतिक संवेदनशीलता का अभ्यास करें।

Ans- b 

6. Development is dependent upon

विकास निम्न में से किस पर निर्भर है?

(a) Genetic make up / आनुवंशिकी बनावट 

(b) Physical Environment / भौतिक वातावरण 

(c) Socio-cultural factors / सामाजिक-सांस्कृतिक कारक

(a) (i), (ii)

(b) (ii), (iii)

(c) (i), (iii)

(d) (i), (ii), (iii)

Ans- d 

7. Which of the following is an agency of primary socialization of children ?  

निम्न में से बच्चों के प्राथमिक समाजीकरण की संस्था कौन सी है?

(a) Books and magazine / किताबें और पत्रिकाएँ

(b) Media / मीडिया

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(c) Religious institutions / धार्मिक संस्थान

(d) Family / परिवार

Ans- d 

8. ————– is likely to —————– student’s achievement…

—————- के इस्तेमाल से विद्यार्थियों की उपलब्धि में ————- होने की संभावना है।

(a) Contextualized curriculum, decrease / प्रासंगिक पाठ्यक्रम, कमी 

(b) Learner-centered pedagogy, decrease / शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षाशास्त्र, कर्मी 

(c) Social collaboration, enhance / सामाजिक सहयोग, वृद्धि 

(d) Social exclusion, improve / सामाजिक बहिष्कार, सुधार

Ans- c 

9. ————— and ————— are the secondary agencies for socialisation of children.

————- और ——————– बच्चों के सामाजीकरण के द्वितीयक कारक हैं।

(a) family; neighbourhood / परिवार, आस-पड़ोस 

(b) religion, parents / धर्म; अभिभावक

(c) school; religion / स्कूल; धर्म

(d) family; school/परिवार; स्कूल

Ans- c 

10. Which of the following practice will hinder the successful inclusion of ‘auditory learners ?

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निम्नलिखित में से कौन-सा अभ्यास ‘श्रवण विद्यार्थियों’ के सफल समावेशन में बाधा उत्पन्न करेगा?

(a) Allow students to think aloud to themselves. विद्यार्थियों को अपने आप से बात करके सोचने दें।

(b) Give students written rather than oral tests. विद्यार्थियों को मौखिक परीक्षा के बजाय लिखित परीक्षा दें।

(c) Place assignment directions on tape to use later. / बाद में उपयोग करने के लिए टेप पर दत्तकार्यों के निर्देश रखें।

(d) Provide verbal instructions of assignments. दत्तकायों के लिए मौखिक निर्देश दें।

Ans- b 

11. Which of the following is a characteristic of a student with giftedness?

निम्नलिखित में से प्रतिभावान विद्यार्थी की विशेषता कौन-सी है?

(a) Slow comprehension / धीमी समझ

(b) Lack of curiosity / जिज्ञासा की कमी

(c) Need for precision in thinking सोच में सटीकता की आवश्यकता

(d) Tendency of opting for easy tasks आसान कार्यों को चुनने की प्रवृत्ति

Ans- c 

12. To facilitate students’ leaning of a concept, a teacher should

विद्यार्थियों में एक सम्प्रत्यय के अधिगम को सुसाध्य करने के लिए, एक शिक्षक को निम्न में से क्या करना चाहिए?

(a) avoid making connections between new information and previous knowledge. जानकारी और पिछले ज्ञान के बीच संबंध बनाने से बचें।

(b) focus on understanding the rules and defining attributes of the concept / नियमों को समझने और अवधारणा की विशेषताओं को परिभाषित करने पर ध्यान दें।

(c) mix essential and non-essential information related to content to be taught / विषयवस्तु से संबंधित आवश्यक और गैर-आवश्यक जानकारियों का मिश्रित कर दें।

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(d) present material and information in highly abstract and complex form / सामग्री और जानकारी को अत्यधिक मूर्त और जटिल रूप में प्रस्तुत करें।

Ans- b 

13 While teaching a concept, a teacher is giving an example that has the most important “core” features of the category associated with that concept such an example is called

एक सम्प्रत्यय को पढ़ाते समय, एक शिक्षक एक ऐसा उदाहरण दे रहा है जिसमें उस सम्प्रत्यय से जुड़ी श्रेणी की सबसे महत्वपूर्ण “मूल” विशेषताएं हैं। ऐसे उदाहरण को —————— कहा जाता है।

(a) a misconception. / एक भ्रांति

(b) a non-exemplar. / एक गैर उदाहरण

(c) a prototype. / एक आद्यरूप

(d) an expectation. / एक अपवाद

Ans- c 

14. Most classrooms in India are multi-lingual and this needs to be seen as ———- by the teacher.

भारत में अधिकांश कक्षाएं बहुभाषी हैं और इसे शिक्षक द्वारा —————– के रूप में देखा जाना चाहिए।

(a) A resource / एक संसाधन

(b) An obstacle / एक बाधा

(c) A burden / एक बोझ

(d) A problem / एक समस्या

Ans- a 

15. For effective learning to take place, what should be the starting point for instruction?

प्रभावी अधिगम हेतु, निर्देश के लिए प्रारंभिक बिंदु क्या होना चाहिए?

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(a) Fear of failure / असफलता का डर

(b) Children’s socio-cultural context / बच्चों का सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य

(c) Reward for success / सफलता के लिए इनाम

(d) Sense of competition / प्रतिस्पर्द्धा की भावना

Ans- b 

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

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CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

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परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

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CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

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Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
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Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

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 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

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3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

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3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

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3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

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3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

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3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

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