Connect with us

CTET

CTET Sanskrit Pedagogy: ‘संस्कृत पेडगॉजी’ के इस प्रैक्टिस सेट के माध्यम से चेक करें अपनी तैयारी का स्तर!

Published

on

Advertisement

Sanskrit Pedagogy Practice Set For CTET: सीटेट परीक्षा के 16 वे संस्करण का आयोजन दिसंबर से जनवरी माह में किया जाएगा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के द्वारा आयोजित होने देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा में एक मानी जाने वाली इस परीक्षा के लिए वर्तमान में आवेदन की प्रक्रिया का क्रम जारी है जो 24 नवंबर तक रहेगा 

यदि आप भी शिक्षक बनने की चाह रखते हैं और इस परीक्षा को देने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है इस आर्टिकल में हम संस्कृत भाषा शिक्षण शास्त्र से संबंधित प्रैक्टिस सेट आपके लिए लेकर आए हैं जिसका अभ्यास आपको परीक्षा में बेहतर परिणाम दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

ये भी पढे:-CTET 2022: सीटेट अभ्यर्थीयो के लिए बड़ी चिंता आई सामने, परीक्षा केंद्रो की सीटे फ़ुल, नही मिलेंगे नज़दीकी परीक्षा केंद्र

Advertisement

संस्कृत भाषा शिक्षण शास्त्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न—CTET Exam Sanskrit Pedagogy objective Questions

1. वाक्कौशलम् इति अस्य साहाय्येन सम्यग् वर्धते

(a) स्थानापत्तिसारणिः

(b) लिखित संभाषणाभ्यासः

(c) अभिनयो गोष्ठीचिन्तना च

(d) समृद्धवाचनसामग्री

Ans- c 

2. कवितापठनस्य उद्देश्यम् अस्ति

(a) अनुभूतीनां विचाराणां च बोधः

(b) धाराप्रवाहस्य शुद्धतायाः च विकासः 

(c) कवितायाः कण्ठस्थीकरणम्

(d) उच्चारणविकासः

Ans-  a

3. उच्च प्राथमिक स्तर पर छात्रों की परीक्षा-प्रणाली उपयुक्त होगी

(a) केवल लिखित

(b) केवल मौखिक

Advertisement

(c) शास्त्रार्थ

(d) लिखित एवं मौखिक दोनों

Ans- d 

4. व्याकरणबोधनस्योपयोगः –

(a) निरर्गलभाषणशक्त्यभिवर्धनम्

(b) साक्षरताभिवर्धनम्

(c) संख्यावृद्धिः

(d) यथार्थताभिवर्धनम्

Ans- d 

5. ‘अन्तर्वैयक्तिक-प्रज्ञा’-विकासार्थम् अतीव महत्वपूर्णम् अस्ति –

(a) काव्यशास्त्रपठनम्

(b) अन्यभाषासु लिखितसाहित्यस्य पठनम्

(c) परस्परं विचार-विमर्शः

(d) नूतनविषयान् अधिकृत्य निबन्धलेखनम्

Ans- c

6. यदा छात्राः व्याकरणाध्ययनस्य भाषास्वरूपस्य च मध्ये सम्बन्धं प्रदर्शयन्ति तदा ते किं दर्शयन्ति?

(a) सम्प्रेषणोद्देश्यं विकासप्रक्रियां च

(b) व्याकरणाध्ययनम् अत्यधिकं महत्त्वपूर्णम्

Advertisement

(c) सम्प्रेषणार्थं व्याकरणज्ञानम् अनिवार्यम्

(d) लेखन-शैली व्याकरणज्ञानेन प्रभाविता भवति

Ans- a 

7. अनेकेभ्यः छात्रेभ्यः लेखनकार्यम् अत्यन्तं जटिलकार्यम् । अतः अस्मिन् सन्दर्भे अध्यापकैः / अध्यापिकाभिः प्रथमं कुत्र अवधानं दातव्यम्?

(a) रुचि-वर्धनार्थं सरलकार्य प्रति

(b) स्पष्ट सम्प्रेषण क्षमता विकास सन्दर्भे आवश्यक-व्याकरण- तत्व-अभ्यासं प्रति

(c) व्याकरण सम्बद्ध-अभ्यासान् प्रति

(d) आत्मविश्वासम् उत्पादयितुं लक्ष्यभाषा मातृभाषा प्रयोगं प्रति

Ans- b 

8. लिखितानुच्छेदस्य आकलनार्थं प्रथमं सोपानम् अस्ति

(a) शब्दसमृद्धिः

(b) व्याकरणम्

(c) शब्दसीमा

(d) विषयवस्तु सार्थक्यं विचाराभिव्यक्तिः च

Ans- d

9. मानवस्य विचाराणां प्रभावि-सम्प्रेषणस्य (लिखितमौखिक -रूपेण) च मध्ये परस्परं सम्बन्धस्य आधारभूतम् अथवा प्रमुखं तत्त्वं किम् ? 

(a) व्याकरणात्मक संरचना

(b) उच्चारणम्

Advertisement

(c) बृहद्-अक्षरीकरणं लेखन-चिह्नाङ्कनं च

(d) स्वरीकरणं बलाघातः च

Ans- a

10. ‘अर्थज्ञानद्वारा सम्प्रेषणक्षमता विकासः’ इत्यनेन अभिप्रायः अस्ति-

(a) व्याकरणात्मकी संरचना

(b) शङ्का-निवारणार्थं शिक्षकैः सह वार्ता पाठ्यक्रमस्य च स्पष्टीकरणम्

(c) शब्दार्थन् प्रयोगान् च ज्ञातुं शब्दकोशस्य उपयोगः

(d) अवबोधनार्थं सूचनायाः आदान प्रदानञ्च, स्पष्टीकरणं पुनर्रचना च

Ans-  d 

11. ‘अनुवाद विधि’ भाषा शिक्षण में उपयोगी है क्योंकि इसमें

(a) विषय का ज्ञान सुगमता से हो जाता है 

(b) ‘ज्ञात से अज्ञात’, ‘सरल से कठिन’ आदि शिक्षण सूत्र के सिद्धान्तों का अनुशरण होता है

(c) अनुवाद द्वारा वाक्य रचना ठीक से समझी जा सकती है। 

(d) इनमें से  सभी सही हैं।

Ans- d 

12. संस्कृत में कथा (कहानी) शिक्षण का उद्देश्य नहीं है –

(a) छात्रों की कल्पना शक्ति का विकास करना ।

(b) छात्रों को संस्कृत ध्वनि-विज्ञान से परिचित कराना ।

Advertisement

(c) छात्रों की तर्कशक्ति को विकसित करना।

(d) छात्रों का उत्तम चरित्र-निर्माण करना।

Ans- b 

13. पहले नियम बताकर उदाहरण दिया जाता है

(a) आगमन शिक्षण विधि में

(b) निगमन शिक्षण विधि में

(c) व्याख्यान विधि में

(d) प्रश्नोत्तर विधि में

Ans- b 

14. ‘हितोपदेश’ का सम्बन्ध किस विधि से है?

(a) सूत्र विधि

(b) कहानी कथन विधि

(c) भाषण विधि

(d) उपर्युक्त सभी

Ans- b 

15. संस्कृत का अध्यापक एक-एक शब्द का अर्थ स्पष्ट करता है?

(a) प्रत्यक्ष विधि में

(b) व्याख्या विधि में 

Advertisement

(c) मूल्यांकन विधि में

(d) समवाय विधि में

Ans- b 

Read More:-

CTET 2022: ‘अपसारी और अभिसारी चिंतन’ से जुड़े परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न जरूर पढ़ें!

CTET 2022: ‘पर्यावरण NCERT’ पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न!

यहां पर हमने दिसंबर में आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए ”संस्कृत पेडगॉजी” से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों (Sanskrit Pedagogy Practice Set For CTET) का अध्ययन किया। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) से जुड़ी नवीनतम अपडेट और प्रैक्टिस सेट प्राप्त करने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल के सदस्य बने, जॉइन लिंक नीचे दी गई है

Advertisement

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CTET

UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

Published

on

By

Advertisement

UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

इन उम्मीदवारों को मिलेगी एंट्री

Advertisement

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

Read More:

CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

Advertisement

Continue Reading

CTET

CTET 2023: ‘पक्षियों’ से जुड़े बेहद रोचक सवाल, जो सीटेट की सभी शिफ्ट में पूछे जा रहे हैं!

Published

on

By

EVS MCQ on Birds For CTET
Advertisement

EVS MCQ on Birds For CTET: शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने की चाहत लिए लाखों अभ्यर्थी प्रतिवर्ष सीबीएसई के द्वारा संचालित सिटी परीक्षा में शामिल होते हैं। इस वर्ष किस परीक्षा का आयोजन 28 दिसंबर से किया जा रहा है। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो यहां पर हम आपके लिए पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। इस टॉपिक से पेपर में एक से दो प्रश्न पूछे जा रहे हैं अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का अध्ययन एक बार अवश्य कर लेना चाहिए।

Read More:- UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

CTET Environment MCQ on Birds—पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न

1) किस प्रकार के पक्षी की चोंच मीट को काटने और खाने के काम आती है?

Advertisement

1. तिकोने आकार की चोंच

2. सीधी और पतली चोंच

3. हुक जैसी चोंच

4. लम्बी पतली सुई जैसी चोंच

Ans- 3

2) पक्षियों की एक स्पीशीज (प्रजाति) ऐसी है, जिसका नर पक्षी सुन्दर सुन्दर घोंसले बुनता है। मादा पक्षी उन सभी पोसलों को देखती है। उनमें से वह उसे चुनती है जो उसे सबसे अच्छा लगता है और उसी में अंडे देती है। पक्षियों की इस स्पीशीज का नाम है.

1. कोयल

2. वीवर पक्षी

3. शक्कर खोरा

4. वसंत गौरी

Ans- 2

3) अपनी गर्दन को पीछे तक घुमा सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर 

2. तोता

3. उल्लू 

Advertisement

4. मैना

Ans- 3

4) अपनी गर्दन को झटके से आगे पीछे कर सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर (कपोत)

2. तोता

3. उल्लू

4. मैना

Ans- 4

5) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

6) पक्षियों की उस प्रजाति का नाम क्या है जिसमें नर पक्षी अनेक सुन्दर घोंसले बनाते हैं और मादा पक्षी उनमें से केवल एक घोंसला चुनते हैं और उसमें अण्डे देते हैं? 

1. कलचिड़ी

2. शकरखोरा

3. दर्जिन चिड़िया 

Advertisement

4. बया (वीवर)

Ans- 4

7. उस पक्षी का नाम जिसकी आंखें मानवों की तरह सामने की तरफ होती हैं:

1. चील

2. बाज

3. गिद्ध

4. उल्लू

Ans- 4

8) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध 

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

9) निम्नलिखित में से कौन सा सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है जो उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से भारत आता है:

1. सीखपर बत्तख (पिनटेल डक)

2. छोटी मतस्यकुररी (ऑस्प्रे) 

3. हंसावर (फ्लेमिंगो) 

Advertisement

4. छोटी जलरंक (स्टिंट)

Ans- 4

10) एक छोटे से पेड़ या झाड़ी की शाखा से लटकने वाला घोंसला बनाने वाला पक्षी है। 

1. सूर्यपक्षी / शक्कर खोरा

2. कौवा 

3. बारबेट / बसंतगौरी

4. भारतीय रॉबिन / कलचिड

Ans- 1

Read More:-

CTET 2023: ‘बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र’ के इस लेवल के सवाल पूछे जा सकते हैं आने वाली शिफ्ट में अभी पढ़ें!

CTET Exam: परीक्षा हॉल में बहुत काम आने वाले हैं ‘हिंदी पेडागॉजी’ के यह प्रश्न!

यहाँ हमने आगामी सीटीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थीयो के लिए ”पक्षियों” से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (EVS MCQ on Birds For CTET) विषय के महत्वपूर्ण सवालों का अध्ययन किया है CTET सहित सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए आप हारे TELEGRAM CHANNEL के सदस्य जरूर बने Join Link नीचे दी गई है?

Advertisement

Continue Reading

CTET

CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

Published

on

By

Albert Bandura's Social Learning Theory for CTET AND TET Exams
Advertisement

Albert Bandura Theory Based Questions CTET: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन सीबीएसई बोर्ड के द्वारा 28 दिसंबर 2022 से किया जा रहा है। परीक्षा वर्तमान समय में जारी है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगी। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो यहां पर हम आपके लिए अल्बर्ट बंडूरा के द्वारा दिए गए सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। जो कि आपको परीक्षा में बेहद काम आने वाले हैं। विगत शिफ्ट में इस टॉपिक से प्रश्न पूछे जा रहे हैं। ऐसे में आगामी चरण में भी यहां से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न—MCQ on Albert Bandura Social Learning Theory For CTET Exam

1. अल्बर्ट बंडूरा ने प्रयोग किया?

A- कुत्ते पर

Advertisement

B-गुड़िया पर

C-जोकर पर

D-B और C दोनों पर

Ans- D 

2. सामाजिक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?

A- वाइगोत्सकी

B-जीन पियाजे

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

Ans- C 

3. बंडूरा के अनुसार अनुकरण की प्रक्रिया के कितने चरण हैं?

A- पांच

B- सात

C- चार

D-दस

Advertisement

Ans- C 

4. अल्बर्ट बंडूरा ने अपना सिद्धान्त कब दिया?

A-1994

B-1977

C-1897

D-1920

Ans- B 

5. जिस माध्यम से बच्चा अनुकरण के द्वारा सीखता है उसे अल्बर्ट बंडूरा ने क्या कहा?

A-उत्पाद

B-मॉडल

C-स्की मा

D- पुनर्बलन

Ans- B

6. Social Foundations of Thought and Action पुस्तक किसकी है

A- जीन पियाजे

B-अरस्तू

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

Advertisement

Ans- C 

7. …………… के अनुसार, बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

A-लॉरेंस कोलबर्ग

B-जीन पियाजे

C-लेब वायगोट्स्की

D-अलबर्ट बैन्डुरा

Ans- C 

8. – बच्चों को संकेत देना तथा आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?

A-प्रबलन

B-अनुबंधन

C-मॉडलिंग

D-पाड़ (ढाँचा)

Ans- D

9. अल्बर्ट बैन्ड्यूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार निम्न में से कौन-सा सही है?

A-बच्चों के सीखने के लिए प्रतिरूपण (मॉडलिंग) एक मुख्य तरीका है

B-अनसुलझा संकट बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है

C-संज्ञानात्मक विकास सामाजिक विकास से स्वतंत्र है

D-खेल अनिवार्य है और उसे विद्यालय में प्राथमिकता दी जानी चाहिए

Advertisement

Ans- A 

10. कोहलबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्य का विकास कर सकता है-

A-” कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए ” इस पर कठोर निर्देश देकर

B-धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर

C- व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर

D-नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके

Ans- D

11. लारिंस कोहलबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते हैं।

A-संज्ञानात्मक

B-शारीरिक

C-नैतिक

D- गामक

Ans- C 

12. कोहलबर्ग के अनुसार सही और गलत प्रश्नों के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को कहा जाता है

A-सहयोग की नैतिकता

B-नैतिक तर्कणा

C-नैतिक यथार्थवाद

D-नैतिक दुविधा

Advertisement

Ans- B

13. लॉरेंस कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों का अनुसरण करते हैं?

(1) आज्ञापालन और दंड – – उन्मुखीकरण

(2) वैयक्तिकता और विनिमय

(3) अच्छे अंत : वैयक्तिक संबंध

(4) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार

A-2 और 1

B-2 और 4

C-1 और 4

D-1 और 3

Ans- A 

14. करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चों के बावजूद आय कर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते, जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करती हैं । वे संभवतः कोहलबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?

A-परंपरागत

B-पश्च परंपरागत

C-पूर्व परंपरातगत

D-परा-परंपरागत

Ans- B

15. एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, ‘सभी प्रकार के प्रदत्त’ कार्यों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके, अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें। वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

Advertisement

A-पूर्व औपचारिक चरण 2 वैयक्तिकता और विनिमय

B-औपचारिक चरण 4 कानून और व्यवस्था

C-पर – औपचारिक चरण 5 सामाजिक संविदा

D- पूर्व – औपचारिक चरण 1 दंड परिवर्जन

Ans- B

Read More:-

CTET 2023: ‘बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र’ के इस लेवल के सवाल पूछे जा सकते हैं आने वाली शिफ्ट में अभी पढ़ें!

CTET Exam 2023: ‘पर्यावरण’ के इन सवालों को परीक्षा हॉल में जाने से पहले एक बार जरूर पढ़ें!

Advertisement

Continue Reading

Trending