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CTET 2022: ‘पर्यावरण शिक्षण शास्त्र’ के ऐसे सवाल ही दिलाएंगे सीटेट परीक्षा में बेहतर परिणाम अभी पढ़ें!

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CTET Exam EVS Pedagogy Questions
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CTET Exam EVS Pedagogy Questions: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के द्वारा आयोजित होने वाले सीटेट परीक्षा का आयोजन इस वर्ष दिसंबर से जनवरी माह के बीच किया जाना है।  इस परीक्षा में क्वालीफाई अभ्यर्थी देश के विभिन्न केंद्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालयों में होने वाली सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में आवेदन करने के पात्र होते हैं।यदि आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो आपके लिए यहां पर हम पर्यावरण शिक्षण शास्त्र से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न लेकर आए हैं। जो  परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है, इन प्रश्नों का अध्ययन अभ्यर्थियों को परीक्षा में बेहतर परिणाम दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। 

सीटेट परीक्षा में पूछे जा सकते हैं पर्यावरण शिक्षण शास्त्र के यह प्रश्न—EVS Pedagogy Questions and Answers For CTET

1. प्राथमिक कक्षाओं का पर्यावरण अध्ययन वह विषय क्षेत्र है जिसमें एकीकरण है-

1. विज्ञान एवं पर्यावरणीय शिक्षा के संप्रत्ययों एवं मुद्दों का 

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2. सामाजिक विज्ञान के संप्रत्ययों एवं मुद्दों का

3. विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के संप्रत्ययों एवं मुद्दों का

4. विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और पर्यावरणीय शिक्षा के संप्रत्ययों एवं मुद्दों का

Ans- 4 

2. निम्न में से प्राथमिक स्तर के पर्यावरण अध्ययन का क्या उद्देश्य है:

1. लैंगिक भेदभाव से संबंधित मुद्दों पर सीखने वालों को संवेदनशील बना

2. स्थानीय उपलब्ध सामग्रियों से सरल प्रारूपों का विकास करना 

3. विद्यार्थियों को उच्च प्राथमिक विज्ञान संप्रत्ययों के लिये क्रमिक रूप से तैयार करना

4. विद्यार्थियों को उनके आस पड़ोस में उपलब्ध व्यावसायिक विकल्पों की ओर अभिमुख करना

Ans- 1 

3. शिक्षिका ने अपने विद्यार्थियों को भोजन के रूप में ग्रहण किये जाने वाले पौधों के विभिन्न भागों जैसे जड़, तना एवं पुष्पों के नाम जानने के लिए अपने परिवार के सदस्यों से फामर्श करने के लिए कहा। इस क्रिया की अभिकल्पना की गई है

1. अनुभवात्मक सीखने को प्रोत्साहित करने के लिए

2. भोजन से संबंधित संप्रत्ययों के सीखने को प्रोत्साहित करने के लिए

3. पाठ को अधिक आनन्ददायी और रुचिपूर्ण बनाने के लिए

4. विद्यार्थियों को भोजन के विषय में खुले मन से खोज करने के लिये अनुमति देना

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Ans- 4 

4. दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को पर्यावरण अध्ययन पढ़ाने के लिए निम्न में से कौन-सी युक्ति सर्वाधिक उपयुक्त है।

1. कक्षा में मिश्रित सहपाठी समूह बनाएं,

2. किसी कार्य को पूरा करने के लिए अधिक समय दें।

3. किसी भी कार्य को भागों में बाँटे और प्रत्यक भाग को अलग पढ़ाएँ,

4. स्पर्शी शिक्षण अधिगम सामग्री का अधिक उपयोग करें

Ans- 4 

5. पर्यावरण अध्ययन का शिक्षण करते हुए पाठ का यह उपयुक्त स्तर जिस पर विद्यार्थियों का आकलन किया जाना चाहिए वह है-

1. पाठ के अंत में

2. पाठ के आरंभ में

3. जब विद्यार्थी आकलन के लिए प्रस्तुत हैं।

4. शिक्षण अधिगम के दौरान

Ans- 3 

6. आपको अपने विद्यार्थियों के पर्यावरण अध्ययन परियोजना का आकलन करना है और उन्हें शीघ्र पुनर्निवेशन देना है। आप आकलन के किस साधन का चुनाव करेंगे?

1. अवलोकन

2. क्रम निर्धारण मापनी

3. जाँच सूची

4. सहपाठी आकलन

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Ans- 1 

7. पर्यावरण अध्ययन में सीखने का आकलन करने का उद्देश्य है कि –

1. शिक्षक विद्यार्थियों को उपलब्धियों के विषय में जानकारी एकत्र करें।

2. यह मूल्यांकन की अपेक्षा शिक्षण का एक मार्ग है।

3. यह विद्यार्थियों द्वारा नवीन / नया ज्ञान में दक्षता प्राप्त करने की प्रगति के विषय में प्रतिपुष्टि देता है।

4. यह विद्यार्थियों के सीखने के बारे में सूचना देता है जिससे अगले चरण के लिए उन्हें सहारा दिया जा सके।

Ans- 3 

8. नई शिक्षा नीति, 2020 के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा से V) के लिए निम्न में से क्या स्तर होगा?

A. आरंभिक स्तर

B. मध्य स्तर

C. बुनियादी स्तर

1. केवल A

2. केवल B

3. A और C

4. B और C

Ans- 3 

9. प्राथमिक स्तर पर निम्न में से क्या प्रक्रिया कौशल नहीं है?

1. मानचित्रण करना

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2. क्रियाशील परिवर्तनों को परिभाषित करना

3. परिकल्पना की जांच करना

4. तथ्यों को अनुस्मरण करना

Ans- 2 

10. थीम ‘परिवार तथा मित्र में निम्न में से कौन-सा उप थीम है?

1. चीजें जो हम बनाते हैं और करते हैं।

2. कार्य और खेल

3. भोजन एवं जल

4. हमारा आश्रय

Ans- 2 

11. निम्न में से कौन-सा एक अपसारी प्रश्न है जो पर्यावरण अध्ययन की शिक्षिका अपनी छात्राओं की सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिये पूछेंगी?

1. मृदा में प्याज के बीजों को बोने से ले कर फसल काटने तक के चरण कौन से हैं?

2. दिल्ली जैसे शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिये आप क्या कदम उठायेंगे?

3. लवण के विलयन से आप लवण कैसे पृथक करेंगे?

4. पत्तियों का रंग हरा क्यों होता है?

Ans- 3 

12. विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण अध्ययन के सीखने का गत्यात्मक समग्र तथा अनुभवात्मक प्रकृति का उत्तम आकलन किया जा सकता है।

1. क्रम निर्धारण मापनी द्वारा

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2. पेन-पेपर परीक्षा द्वारा

3. विश्वसनीय आकलन युक्तियों द्वारा

4. मौखिक परीक्षा द्वारा

Ans- 3 

13. विद्यार्थी केन्द्रित कक्षाएं विद्यार्थियों के सीखने के लिए सहायक वातावरण सुनिश्चित करती है। निम्न में से कौन-सा इसी बात को प्रस्तावित करता है?

1. शिक्षक निर्देश देता है तथा विद्यार्थियों से अपेक्षा करता है कि वे उनका पालन करें व अनुशासित रहें। D

2. शिक्षक पाठ्य पुस्तक पड़ता है, श्यामपट पर प्रश्न एवं उत्तर लिखता है और विद्यार्थियों से उन्हें लिखने को कहता है।

3. शिक्षक ऐसी सीखने की परिस्थिति उपलब्ध कराता है जो विद्यार्थियों को अवसर देती है कि मत करें। वे अवलोकन करें खोज / अन्वेषण करें, प्रश्न प्रयोगका विभिन्न प्रत्ययों की समझ 

4. कक्षा की गतिविधियों को शिक्षक नियंत्रित करता है तथा उसमें विद्यार्थियों की भागीदारी कम से कम होती है।

Ans- 3 

14. कक्षा V के अध्याय ‘दीवार के उस पार’ में एक शिक्षक आरिफ अपने छात्रों से जो खेल वो खेलते हैं उनके अनुभव साझा करने को करते हैं। निम्न में से कोनसा उससे प्रयास को सबसे ज्यादा स्पष्ट करेगा

1. खेलों से संबंधित नियम की समझ का विकास

2. खेलों से संबंधित मूल्यों का विकास

3. कुछ मुद्दों की समझ का विकास, जैसे कि लड़के व लड़कियों के लिए एक जैसे खेल, सभी के लिए समान अवसर तथा टीम भावना

4. व्यक्तिगत अनुभव को साझा करने की क्षमता का विकास

Ans- 3 

15. निम्न में से कौनसी विधि प्राथमिक कक्षाओं में ई.वी.एस की समझ के लिए सबसे उपयुक्त है-

1. व्याख्यान विधि

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2. चौक एवं टॉक विधि

3. जाँच आधारित शिक्षण

4. जग एवं मग पद्धति

Ans- 3 

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यहां पर हमने दिसंबर में आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए पर्यावरण शिक्षण शास्त्र पर आधारित महत्वपूर्ण सवालों (CTET Exam EVS Pedagogy Questions) का अध्ययन किया। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) से जुड़ी नवीनतम अपडेट और प्रैक्टिस सेट प्राप्त करने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल के सदस्य बने, जॉइन लिंक नीचे दी गई है

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

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CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

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परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

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CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

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Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
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Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

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 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

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3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

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3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

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3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

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3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

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3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

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