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CTET 2022: ‘पर्यावरण पेडागोजी’ के इन सवालों का सही जवाब और चेक करें सीटेट परीक्षा की तैयारी!

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EVS Pedagogy Practice Questions For CTET
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CTET EVS Pedagogy MCQ Test Series: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2022 का आयोजन इस वर्ष दिसंबर से जनवरी माह के बीच में किया जाएगा हालांकि अभी बोर्ड के द्वारा परीक्षा की तिथि जारी नहीं की गई है बहुत जल्द परीक्षा की तारीख है घोषित कर दी जाएंगी अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं तो यहां पर दी गई जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी होने वाली है यहां पर हम पर्यावरण शिक्षण शास्त्र से जुड़े कुछ ऐसे सवाल आपके साथ शेयर कर रहे हैं जो की परीक्षा की दृष्टि से बेहद ही महत्वपूर्ण है इन प्रश्नों का अध्ययन आपको परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ सफलता दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।

बेहतर परिणाम के लिए पढ़ें पर्यावरण पेडगॉजी के इन प्रश्नों को—CTET Exam 2022 EVS Pedagogy Important Questions

Q1. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए/ National Curriculum Framework, 2005 strongly recommends that teaching of EVS at primary stage should primarily aim at

(1) विषय की आधारभूत संकल्पनाओं की आधारभूत समझ का विकास/ developing understanding of basic concepts of the subject 

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(2) विषय के आधारभूत सिद्धांतों को स्मरण करना/memorizing basic principles of the subject

(3) कक्षा कक्षीय अधिगम को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ना/linking classroom learning to life outside the school

(4) स्वतंत्र रूप से प्रयोग करने की कुशलता अर्जित करना/acquiring skills to carry experiments independently

Ans- 3 

Q.2. ——— के अलावा निम्नलिखित पर्यावरण अध्ययन पढ़ाने की विधियाँ हैं।/The following are the methods to teach EVS except

(1) सहयोगात्मक अधिगम/Cooperative learning

(2) निर्देशित खोज/ Guided enquiry

(3) व्याख्यानों द्वारा स्पष्ट करने/ Explaining through lectures

(4) समस्या समाधान/Problem-solving

Ans- 3 

Q.3. शिक्षार्थियों का आकलन करते समय पर्यावरण अध्ययन की शिक्षिका को निम्नलिखित में से क्या नहीं करना चाहिए? /Which one of the following should not be done by the EVS teacher while assessing students?

(1) बच्चों के कार्य से संबंधित करना गुणात्मक उल्लेख /Write qualitative statements about students work.

(2) बच्चों के पूर्व आकलन के साथ तुलना करना /Compare with previous assessment record of students.

(3) शिक्षार्थियों की सीखने की क्षमताओं को ध्यान में रखकर सूचना दर्ज करना/Record information in the light ofthe students learning potential. 

(4) बच्चों के कार्य के केवल कुछ पक्षों पर ध्यान केंद्रित करना/Focus only on a few aspects of students work.

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Ans- 4 

Q.4. ईवीएस कक्षा में समूह में सीखने का क्या उद्देश्य है?/What purpose does group learning serve in an EVS classroom?

(1) छात्रों को आसानी से प्रबन्धित करना और वर्कलोड को कम करना/To manage students easily and reduce workload

(2) लड़के और लड़कियाँ अलग-अलग सीख सकते हैं /Boys and girls can learn separately

(3) कम और उच्च प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अलग करना और उपचारात्मक शिक्षण देना/To segregate high performers and low achieving students and to do remedial teaching 

(4) सहयोग के मूल्यों को लागू करने और एक साथ काम करने के लिए प्रत्येक बच्चे को सक्रिय रूप से भाग लेने और सीखने में सक्षम बनाना/To inculcate values of cooperation and working together to enable each child participate actively and learn

Ans- 4 

Q.5. पर्यावरण अध्ययन की एक अच्छी पाठ्यचर्या को बच्चे के प्रति सही, जीवन के प्रति सही और विषय के प्रति सही होना चाहिए पाठ्यचर्या की निम्नलिखित विशेषताओं में से कौन सी उपर्युक्त आवश्यकता को पूरा नहीं करती?/Good EVS curriculum should be true to the child, true to life and true to the subject. Which of the following characteristics of a curriculum does not meet the above requirements?

(1) यह भय एवं पूर्वाग्रहों से मुक्त होने के मूल्य को बढ़ावा देती है/It promotes the value of freedom from fear and prejudice.

(2) यह विषय को एक सामाजिक प्रक्रम के रूप में देखने के लिए शिक्षार्थियों हेतु आवश्यक है।/It require the learner to view the subject as a social  enterprise. 

(3) यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया पर अधिक बल देती है /It emphasises more on processes of teaching and learning. 

(4) यह शब्दावली और परिभाषाओं पर अधिक बल देती है/emphasizes more on terms and definitions.

Ans- 4 

Q.6. पर्यावरण अध्ययन की पाठ्य-पुस्तक में प्रयुक्त भाषा: /The language used in an EVS textbook : 

(1) रूखी और बच्चों के द्वारा समझने में कठिन होनी चाहिए/should be terse and difficult for children to comprehend

(2) परिभाषाओं पर बल देते हुए औपचारिक बनाई जानी चाहिए /should be formalized with emphasis on definitions

(3) तकनीकी और औपचारिक होनी चाहिए /should be technical and formal 

(4) बच्चे की दिन-प्रतिदिन की भाषा से संबद्ध होनी चाहिए/should be related to everyday language of the child

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Ans- 4 

Q.7. एक पब्लिक स्कूल में प्रत्येक कक्षा में लगभग दो से तीन बच्चे विशेष आवश्यकता वाले हैं। कुछ बच्चे शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग (बाधित) हैं। ये बच्चे अन्य बच्चों के साथ उसी कक्षा में एक साथ पढ़ते हैं। उपरोक्त पब्लिक स्कूल निम्न में से किसका अनुपालन करता है?/A public school has about two to three children with special needs in class. Some children are physically or mentally challenged. These children study with other children while sitting in the same class. The public school mentioned above follows which of the following?

(1) समवयस्क शिक्षा/Peer education

(2) प्रतिपूरक अधिगम/Compensatory learning

(3) सतत एवं व्यापक मूल्यांकन/CCE

(4) समावेशी शिक्षा/Inclusive education

Ans- 4 

Q.8. निम्नलिखित में से कौन-सी EVS कक्षा में गतिविधि है/गतिविधियाँ हैं?/Which of the following is/are activity/activities in EVS classroom?

(1) श्यामपट्ट का उपयोग/Use of blackboard

(2) चित्र पढ़ना/Picture reading

(3) फील्ड भ्रमण/Field visit

(4) ये सभी/All of the above

Ans-  4 

Q.9. निम्नलिखित में से कौन-सा एक पर्यावरण अध्ययन के सम्बन्ध में सत्य नहीं है? /Which one of the following is not true w.r.t EVS?

(1) पर्यावरण वर्णनों और परिभाषाओं पर बल देता है./EVS emphasises descriptions and definitions

(2) पर्यावरण अध्ययन की प्रकृति एकीकृत है।/Nature of EVS is integrated  

(3) पर्यावरण अध्ययन बालकेन्द्रित अध्ययन है /EVS is based on child centred  learning

(4) पर्यावरण अध्ययन बच्चों को अपने परिवेश को खोजने का अवसर देता है/EVS provides opportunities to the learners to explore their environment

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Ans- 1 

Q. 10. पर्यावरण अध्ययन में शिक्षक के द्वारा बच्चों को स्वयं के आकलन के लिए अवसर देना चाहिए। स्व: आकलन है- /In EVS, teachers should provide opportunities to the children to assess themselves. Self-assessment is-

(1) सीखने के लिए आकलन /Assessment for learning 

(2) सी.सी.ई./CCE

(3) सीखने के समान आकलन/Assessment as learning 

(4) सीखने का आकलन/Assessment of learning

Ans- 3 

Q.11. पर्यावरण अध्ययन में एक अच्छे दत्त कार्य का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए -/A good assignment in EVS should primarily aim at

(1) प्रभावी अधिगम के लिए पाठ की दोहराई । /revise the lesson for effective learning.

(2) समय का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना। / ensure better utilization of time.

(3) शिक्षार्थियों को अनुशासन में बनाए रखना /keep the students engaged and disciplined. 

(4) अधिगम – विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना ।/provide extended learning opportunities

Ans- 4 

Q.12. एन.सी.ई.आर.टी. की पाठ्य-पुस्तकों में पर्यावरण अध्ययन को उच्च प्राथमिकता और स्थान दिया गया है।/Higher priority and space has been given in NCERT textbooks on EVS to

(1) विषय की आधारभूत संकल्पनाओं की व्याख्या करने के लिए/explain basic concepts of the subject.

(2) चिंतन और विस्मय के लिए शिक्षार्थियों को अवसर उपलब्ध कराने के लिए /provide opportunities to learners for contemplation and wondering.

(3) तकनीकी शब्दावली की सटीक परिभाषाएँ उपलब्ध कराने के लिए /provide exact definitions of technical terms.

(4) अधिक संख्या में अभ्यास प्रश्नों को शामिल/include large number of practice questions.

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Ans- 2 

Q.13. पर्यावरण अध्ययन की प्रकृति निम्नलिखित का समर्थन नहीं करती /The nature of environment studies does not advocate that:

(1) बच्चों को खोज करने के लिए पर्याप्त स्थान मिले/children get a lot of space to explore

(2) बच्चे कम गलतियाँ करें /children make fewer mistakes 

(3) बच्चों को करके सीखने का अवसर मिले /children get space to learn by doing 

(4) बच्चे बहुत से प्रश्न पूछे/children ask a lot of questions

Ans- 2 

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

इन उम्मीदवारों को मिलेगी एंट्री

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET 2023: ‘पक्षियों’ से जुड़े बेहद रोचक सवाल, जो सीटेट की सभी शिफ्ट में पूछे जा रहे हैं!

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EVS MCQ on Birds For CTET
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EVS MCQ on Birds For CTET: शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने की चाहत लिए लाखों अभ्यर्थी प्रतिवर्ष सीबीएसई के द्वारा संचालित सिटी परीक्षा में शामिल होते हैं। इस वर्ष किस परीक्षा का आयोजन 28 दिसंबर से किया जा रहा है। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो यहां पर हम आपके लिए पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। इस टॉपिक से पेपर में एक से दो प्रश्न पूछे जा रहे हैं अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का अध्ययन एक बार अवश्य कर लेना चाहिए।

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CTET Environment MCQ on Birds—पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न

1) किस प्रकार के पक्षी की चोंच मीट को काटने और खाने के काम आती है?

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1. तिकोने आकार की चोंच

2. सीधी और पतली चोंच

3. हुक जैसी चोंच

4. लम्बी पतली सुई जैसी चोंच

Ans- 3

2) पक्षियों की एक स्पीशीज (प्रजाति) ऐसी है, जिसका नर पक्षी सुन्दर सुन्दर घोंसले बुनता है। मादा पक्षी उन सभी पोसलों को देखती है। उनमें से वह उसे चुनती है जो उसे सबसे अच्छा लगता है और उसी में अंडे देती है। पक्षियों की इस स्पीशीज का नाम है.

1. कोयल

2. वीवर पक्षी

3. शक्कर खोरा

4. वसंत गौरी

Ans- 2

3) अपनी गर्दन को पीछे तक घुमा सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर 

2. तोता

3. उल्लू 

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4. मैना

Ans- 3

4) अपनी गर्दन को झटके से आगे पीछे कर सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर (कपोत)

2. तोता

3. उल्लू

4. मैना

Ans- 4

5) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

6) पक्षियों की उस प्रजाति का नाम क्या है जिसमें नर पक्षी अनेक सुन्दर घोंसले बनाते हैं और मादा पक्षी उनमें से केवल एक घोंसला चुनते हैं और उसमें अण्डे देते हैं? 

1. कलचिड़ी

2. शकरखोरा

3. दर्जिन चिड़िया 

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4. बया (वीवर)

Ans- 4

7. उस पक्षी का नाम जिसकी आंखें मानवों की तरह सामने की तरफ होती हैं:

1. चील

2. बाज

3. गिद्ध

4. उल्लू

Ans- 4

8) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध 

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

9) निम्नलिखित में से कौन सा सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है जो उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से भारत आता है:

1. सीखपर बत्तख (पिनटेल डक)

2. छोटी मतस्यकुररी (ऑस्प्रे) 

3. हंसावर (फ्लेमिंगो) 

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4. छोटी जलरंक (स्टिंट)

Ans- 4

10) एक छोटे से पेड़ या झाड़ी की शाखा से लटकने वाला घोंसला बनाने वाला पक्षी है। 

1. सूर्यपक्षी / शक्कर खोरा

2. कौवा 

3. बारबेट / बसंतगौरी

4. भारतीय रॉबिन / कलचिड

Ans- 1

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यहाँ हमने आगामी सीटीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थीयो के लिए ”पक्षियों” से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (EVS MCQ on Birds For CTET) विषय के महत्वपूर्ण सवालों का अध्ययन किया है CTET सहित सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए आप हारे TELEGRAM CHANNEL के सदस्य जरूर बने Join Link नीचे दी गई है?

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CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

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Albert Bandura's Social Learning Theory for CTET AND TET Exams
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Albert Bandura Theory Based Questions CTET: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन सीबीएसई बोर्ड के द्वारा 28 दिसंबर 2022 से किया जा रहा है। परीक्षा वर्तमान समय में जारी है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगी। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो यहां पर हम आपके लिए अल्बर्ट बंडूरा के द्वारा दिए गए सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। जो कि आपको परीक्षा में बेहद काम आने वाले हैं। विगत शिफ्ट में इस टॉपिक से प्रश्न पूछे जा रहे हैं। ऐसे में आगामी चरण में भी यहां से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न—MCQ on Albert Bandura Social Learning Theory For CTET Exam

1. अल्बर्ट बंडूरा ने प्रयोग किया?

A- कुत्ते पर

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B-गुड़िया पर

C-जोकर पर

D-B और C दोनों पर

Ans- D 

2. सामाजिक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?

A- वाइगोत्सकी

B-जीन पियाजे

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

Ans- C 

3. बंडूरा के अनुसार अनुकरण की प्रक्रिया के कितने चरण हैं?

A- पांच

B- सात

C- चार

D-दस

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Ans- C 

4. अल्बर्ट बंडूरा ने अपना सिद्धान्त कब दिया?

A-1994

B-1977

C-1897

D-1920

Ans- B 

5. जिस माध्यम से बच्चा अनुकरण के द्वारा सीखता है उसे अल्बर्ट बंडूरा ने क्या कहा?

A-उत्पाद

B-मॉडल

C-स्की मा

D- पुनर्बलन

Ans- B

6. Social Foundations of Thought and Action पुस्तक किसकी है

A- जीन पियाजे

B-अरस्तू

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

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Ans- C 

7. …………… के अनुसार, बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

A-लॉरेंस कोलबर्ग

B-जीन पियाजे

C-लेब वायगोट्स्की

D-अलबर्ट बैन्डुरा

Ans- C 

8. – बच्चों को संकेत देना तथा आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?

A-प्रबलन

B-अनुबंधन

C-मॉडलिंग

D-पाड़ (ढाँचा)

Ans- D

9. अल्बर्ट बैन्ड्यूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार निम्न में से कौन-सा सही है?

A-बच्चों के सीखने के लिए प्रतिरूपण (मॉडलिंग) एक मुख्य तरीका है

B-अनसुलझा संकट बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है

C-संज्ञानात्मक विकास सामाजिक विकास से स्वतंत्र है

D-खेल अनिवार्य है और उसे विद्यालय में प्राथमिकता दी जानी चाहिए

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Ans- A 

10. कोहलबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्य का विकास कर सकता है-

A-” कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए ” इस पर कठोर निर्देश देकर

B-धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर

C- व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर

D-नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके

Ans- D

11. लारिंस कोहलबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते हैं।

A-संज्ञानात्मक

B-शारीरिक

C-नैतिक

D- गामक

Ans- C 

12. कोहलबर्ग के अनुसार सही और गलत प्रश्नों के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को कहा जाता है

A-सहयोग की नैतिकता

B-नैतिक तर्कणा

C-नैतिक यथार्थवाद

D-नैतिक दुविधा

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Ans- B

13. लॉरेंस कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों का अनुसरण करते हैं?

(1) आज्ञापालन और दंड – – उन्मुखीकरण

(2) वैयक्तिकता और विनिमय

(3) अच्छे अंत : वैयक्तिक संबंध

(4) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार

A-2 और 1

B-2 और 4

C-1 और 4

D-1 और 3

Ans- A 

14. करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चों के बावजूद आय कर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते, जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करती हैं । वे संभवतः कोहलबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?

A-परंपरागत

B-पश्च परंपरागत

C-पूर्व परंपरातगत

D-परा-परंपरागत

Ans- B

15. एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, ‘सभी प्रकार के प्रदत्त’ कार्यों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके, अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें। वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

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A-पूर्व औपचारिक चरण 2 वैयक्तिकता और विनिमय

B-औपचारिक चरण 4 कानून और व्यवस्था

C-पर – औपचारिक चरण 5 सामाजिक संविदा

D- पूर्व – औपचारिक चरण 1 दंड परिवर्जन

Ans- B

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