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CTET परीक्षा देने जा रहे है तो, ब्रूनर थ्योरी के सवाल दिलायेंगे सफलता, यह पक्के करे नंबर

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CTET 2023: Jerome Bruner theory and expected Questions for ctet exam
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Bruner Theory of Cognitive Development for CTET Exam 2022-23: देश की सबसे बड़ी शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 दिसंबर से शुरू हो चुकी है यह परीक्षा 7 फरवरी 2023 तक चलेगी जिसमें 32 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। शिक्षक बनने के लिए यदि आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

यदि आप भी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में शामिल होने जा रहे है तो “Bruner Theory of Cognitive Development (ब्रूनर का संज्ञानात्मक सिद्धांत) टॉपिक को आपको अच्छे से पढ़ लेना चाहिए। इस टॉपिक से सभी शिफ्ट की परीक्षा मे हमेशा प्रश्न पूछे जाते है इसीलिए इस आर्टिकल मे हम Jerome Bruner Theory Notes तथा इससे परीक्षा मे पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल शेअर कर रहे है।

Read More: CTET Exam: 28 व 29 दिसंबर परीक्षा में पूछे गये थे, जीन पियाजे सिद्धांत से सवाल, यहाँ पढ़ें

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About Jerome Bruner (Let’s know A Brief Introduction to Jerome Bruner)

जेरोम ब्रूनर ( 1915 – 2016) –अमेरिका के मनोवैज्ञानिक

संज्ञानात्मक क्षेत्र (स्मृति, स्मरण, चिंतन, तर्क) – मानसिक प्रक्रिया

पुस्तक -शिक्षा की प्रक्रिया

सर्वाधिक महत्व -शिक्षा

जेरोम ब्रूनर अमेरिका के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने संज्ञानात्मक विकास का नया सिद्धांत दिया था, जो कि जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के विकल्प के रूप में पाया जाता है।

जेरोम ब्रूनर संज्ञानात्मक विकास का मॉडल 1956 में किया 1960 ईस्वी में ‘शिक्षा की प्रक्रिया’ नामक पुस्तक लिखी इन्होने गणित पढ़ाने संबंधी प्रमेयो का निर्माण कर शिक्षण सिद्धांतों को विकसित किया\

परिभाषाएं –

.ब्रूनर के अनुसार-

1.”शिक्षण सिद्धांत वह है जिसमें शिक्षक क्या सिखाना चाहता है इसका संबंध अधिगम व्याख्या की वजह विकास से है।”

2.”ब्रूनर ने अपना संज्ञान संबंधी प्रयोग सर्वप्रथम प्रौढो पर किया विद्यालय जाने वाले बालक को पर ,3 साल के बालक को पर तथा अंत में नवजात शिशु पर किया।”

Note:– जीन पियाजे वातावरण को अधिक महत्व देते हैं जबकि जेरोम ब्रूनर व्यक्ति पर संस्कृति , सभ्यता और शिक्षा को प्रमुख मानते हैं।

अन्य नाम :

1.संरचनात्मकता का सिद्धांत।

2.निर्मितवाद का सिद्धांत।

3.अन्वेषण का सिद्धांत।

ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास के स्तर (Stage of Conjugative Development)

इन्होंने संज्ञानात्मक विकास की तीन अवस्थाओं को बताया है :-

1. क्रियात्मक स्तर (Enactive level) 0-2 वर्ष

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बालक अपनी अनुभूतियों को गामक प्रयोग द्वारा प्रकट करता है इस अवस्था में भाषा का महत्व ना के बराबर होता है

जैसे-आपको देखकर शिशु का हंसना,दूध की बोतल देखकर हाथ पैर चलाना |

2. प्रतिबिंबात्मक के स्तर (Iconic level)3-7 वर्ष

इस अविधि में बालक अपनी अनुभूति को अपने मन में कुछ दृश्य प्रतिमा प्रकट करता है इस अवस्था में बालक प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से सीखता है इसे छायात्मक अवस्था भी कहते हैं।

जैसे-चित्रों , मॉडलों ,चार्ट ,मूर्तियों आदि

3. संकेतात्मक स्तर (symbollic level) 7-15 वर्ष

इस वधि में बालक अपनी अनुभूतियों को ध्वन्यात्मक संकेतों (भाषा) के माध्यम से व्यक्त करता है इस अवस्था में बालक गणित, भाषा तथा तर्क करना सीख जाता है

जैसे – संकेतों से समझना तथा कार्य करना। + ,- ,

ब्रूनर के सिद्धांत की विशेषताएं (Characteristic of Bruner’s theory)

  • ज्ञान की संरचना (structure of knowledge)
  • अनुक्रम (sequence)
  • पुनर्बलन (Reinforcement)
  • पाठ की संरचना (structure of discipline )
  • अन्वेषणात्मक सीखना (Discovery learning)

ब्रूनर के सिद्धांत का शिक्षा में योगदान (Contribution of bruner’s theory in education)

  • भाषा विकास (language development)
  • शिक्षण विधि (teaching method)
  • संप्रत्यय विधि (concept)
  • बौद्धिक विकास (intellectual development)
  • पाठ्यचर्चा संज्ञानात्मक विकास (curriculum conjugative development)
  • शिक्षण की नवीन भूमिका (new role of teacher)
  • अधिगम के सिद्धांतों की व्याख्या (explanation of learning principles)
  • शैक्षणिक शोध (educational research)

शैक्षिक निहितार्थ (Educational implication)

1.अच्छा मैं आगे की जटिलता ज्ञान को पीछे की सरल जान से जोड़ते हुए एवं उनकी पुनरावृत्ति करते हुए आगे बढ़ना चाहिए ,ताकि बच्चे अपने पूर्व ज्ञान के आधार पर बेहतर तरीके से सीख सकें ।

2.अन्वेषण आत्मक अधिगम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों में पर्यावरण से अंतः क्रिया को बढ़ावा देना चाहिए ।

Jerome Bruner Theory Based Important Questions for CTET 2022-23- जेरोम ब्रूनर संज्ञानात्मक सिद्धांत पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न जो टीईटी परीक्षाओं में हमेशा पूछे जाते है

Q. आधुनिक संज्ञानवादी मनोवैज्ञानिक किसे माना जाता है ?

a) जेरोम ब्रूनर

b) प्याजे

c) एरिकसन

d) हल

Ans- (a)

Q. जेरोम ब्रूनर ने बालकों की किस व्यवहार पर अपना अध्ययन किया ?

a) शिशु अपनी आवश्यकताओं अनुभूतियों को कैसे प्रकट करता है

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b) शैशव अवस्था एवं बाल्यावस्था में चिंतन का स्वरूप कैसा होता है

c) बालक में नैतिक विकास दंड और पुरस्कार के द्वारा होता है

d) केवल एक और दो सही है

Ans-(d)

Q. निम्न में से किस मनोवैज्ञानिक ने अपना सिद्धांत जीन प्याजे को आधार बनाकर प्रस्तुत किया ?

a) कार्ल रोजर्स

b) बंडूरा

c) जेरोम ब्रूनर

d) इनमें से कोई नहीं

Ans-(c)

Q. ब्रूनर के सिद्धांत की शिक्षा में उपयोगिता है?

a) बालक के जीवन से जोड़कर शिक्षण कराना चाहिए

b) बालक को कक्षा में क्रियाशील तत्पर रखना चाहिए

c) विश्लेषणात्मक चिंतन की तुलना में आकस्मिक विचारों को महत्व देना चाहिए

d) उपरोक्त सभी

Ans-(d)

Q. जेरोम ब्रूनर ने संज्ञानात्मक विकास की प्रथम अवस्था कौन सी बताई है ?

a) प्रतिबिंबात्मक अवस्था

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b) क्रिया निर्माण

c) प्रतीकात्मक

d) उपरोक्त सभी

Ans- (b)

Q. आयु की किसी भी पड़ाव पर बालकों को कुछ भी सिखाया जा सकता है , यह कथन किसका है-

a) जीन पियाजे

b) जेरोम ब्रूनर

c) एरिकसन

d) वाटसन

Ans- (b)

Q. “बालक नग्न बंदर की तरह नहीं , बल्कि बालक संस्कृति होता है” यह कथन किसका है –

a) जीन पियाजे

b) थार्नडाइक

c) जेरोम ब्रूनर

d) वॉटसन

Ans-(c)

Q. जेरोम ब्रूनर का संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएं बताई है ?

a) 2

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b) 3

c) 4

d) 6

Ans- (b)

ये भी पढ़ें…

CTET December 2022 CDP Important Questions: आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा की दृष्टि से बाल विकास और शिक्षा शास्त्र के कुछ संभावित प्रश्न,अभी पढ़े

यहां हमने जेरोम ब्रूनर संज्ञानात्मक सिद्धांत पर आधारित नोट्स तथा TET मे पूछे जाने वाले के संभावित सवाल आपके साथ शेयर किए हैं, Bruner Theory of Cognitive Development- जिन्हें आपको परीक्षा से पूर्व एक बार जरूर पढ़ लेना चाहिए, सभी TET परीक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे Social Media Handle को फॉलो जरूर करें।

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UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

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UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

इन उम्मीदवारों को मिलेगी एंट्री

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उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

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CTET 2023: ‘पक्षियों’ से जुड़े बेहद रोचक सवाल, जो सीटेट की सभी शिफ्ट में पूछे जा रहे हैं!

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EVS MCQ on Birds For CTET
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EVS MCQ on Birds For CTET: शिक्षक के रूप में कैरियर बनाने की चाहत लिए लाखों अभ्यर्थी प्रतिवर्ष सीबीएसई के द्वारा संचालित सिटी परीक्षा में शामिल होते हैं। इस वर्ष किस परीक्षा का आयोजन 28 दिसंबर से किया जा रहा है। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, तो यहां पर हम आपके लिए पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। इस टॉपिक से पेपर में एक से दो प्रश्न पूछे जा रहे हैं अभ्यर्थियों को इन प्रश्नों का अध्ययन एक बार अवश्य कर लेना चाहिए।

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CTET Environment MCQ on Birds—पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत पक्षियों पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न

1) किस प्रकार के पक्षी की चोंच मीट को काटने और खाने के काम आती है?

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1. तिकोने आकार की चोंच

2. सीधी और पतली चोंच

3. हुक जैसी चोंच

4. लम्बी पतली सुई जैसी चोंच

Ans- 3

2) पक्षियों की एक स्पीशीज (प्रजाति) ऐसी है, जिसका नर पक्षी सुन्दर सुन्दर घोंसले बुनता है। मादा पक्षी उन सभी पोसलों को देखती है। उनमें से वह उसे चुनती है जो उसे सबसे अच्छा लगता है और उसी में अंडे देती है। पक्षियों की इस स्पीशीज का नाम है.

1. कोयल

2. वीवर पक्षी

3. शक्कर खोरा

4. वसंत गौरी

Ans- 2

3) अपनी गर्दन को पीछे तक घुमा सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर 

2. तोता

3. उल्लू 

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4. मैना

Ans- 3

4) अपनी गर्दन को झटके से आगे पीछे कर सकने वाला पक्षी है.

1. कबूतर (कपोत)

2. तोता

3. उल्लू

4. मैना

Ans- 4

5) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

6) पक्षियों की उस प्रजाति का नाम क्या है जिसमें नर पक्षी अनेक सुन्दर घोंसले बनाते हैं और मादा पक्षी उनमें से केवल एक घोंसला चुनते हैं और उसमें अण्डे देते हैं? 

1. कलचिड़ी

2. शकरखोरा

3. दर्जिन चिड़िया 

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4. बया (वीवर)

Ans- 4

7. उस पक्षी का नाम जिसकी आंखें मानवों की तरह सामने की तरफ होती हैं:

1. चील

2. बाज

3. गिद्ध

4. उल्लू

Ans- 4

8) तीन पक्षियों का वह समूह जिसका प्रत्येक सदस्य वस्तुओं को हमारी तुलना में, चार गुना अधिक दूरी स्पष्ट देख सकता है, जो वस्तु हमें दो मीटर की दूरी से दिखाई देती है उसे ही ये पक्षी आठ मीटर दूरी से देख लेते हैं) कौन सा है

1 बाज़, कौआ, कबूतर

2 बाज़, चील, गिद्ध 

3 कबूतर, तोता, चील 

4 कोआ, चील, बुलबुल

Ans- 2

9) निम्नलिखित में से कौन सा सबसे छोटा प्रवासी पक्षी है जो उत्तरध्रुवीय क्षेत्र से भारत आता है:

1. सीखपर बत्तख (पिनटेल डक)

2. छोटी मतस्यकुररी (ऑस्प्रे) 

3. हंसावर (फ्लेमिंगो) 

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4. छोटी जलरंक (स्टिंट)

Ans- 4

10) एक छोटे से पेड़ या झाड़ी की शाखा से लटकने वाला घोंसला बनाने वाला पक्षी है। 

1. सूर्यपक्षी / शक्कर खोरा

2. कौवा 

3. बारबेट / बसंतगौरी

4. भारतीय रॉबिन / कलचिड

Ans- 1

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CTET Exam: परीक्षा हॉल में बहुत काम आने वाले हैं ‘हिंदी पेडागॉजी’ के यह प्रश्न!

यहाँ हमने आगामी सीटीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थीयो के लिए ”पक्षियों” से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (EVS MCQ on Birds For CTET) विषय के महत्वपूर्ण सवालों का अध्ययन किया है CTET सहित सभी शिक्षक पात्रता परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए आप हारे TELEGRAM CHANNEL के सदस्य जरूर बने Join Link नीचे दी गई है?

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CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

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Albert Bandura's Social Learning Theory for CTET AND TET Exams
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Albert Bandura Theory Based Questions CTET: केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन सीबीएसई बोर्ड के द्वारा 28 दिसंबर 2022 से किया जा रहा है। परीक्षा वर्तमान समय में जारी है, जो कि 7 फरवरी 2023 तक जारी रहेगी। अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, तो यहां पर हम आपके लिए अल्बर्ट बंडूरा के द्वारा दिए गए सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न लेकर आए हैं। जो कि आपको परीक्षा में बेहद काम आने वाले हैं। विगत शिफ्ट में इस टॉपिक से प्रश्न पूछे जा रहे हैं। ऐसे में आगामी चरण में भी यहां से प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है।

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न—MCQ on Albert Bandura Social Learning Theory For CTET Exam

1. अल्बर्ट बंडूरा ने प्रयोग किया?

A- कुत्ते पर

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B-गुड़िया पर

C-जोकर पर

D-B और C दोनों पर

Ans- D 

2. सामाजिक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?

A- वाइगोत्सकी

B-जीन पियाजे

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

Ans- C 

3. बंडूरा के अनुसार अनुकरण की प्रक्रिया के कितने चरण हैं?

A- पांच

B- सात

C- चार

D-दस

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Ans- C 

4. अल्बर्ट बंडूरा ने अपना सिद्धान्त कब दिया?

A-1994

B-1977

C-1897

D-1920

Ans- B 

5. जिस माध्यम से बच्चा अनुकरण के द्वारा सीखता है उसे अल्बर्ट बंडूरा ने क्या कहा?

A-उत्पाद

B-मॉडल

C-स्की मा

D- पुनर्बलन

Ans- B

6. Social Foundations of Thought and Action पुस्तक किसकी है

A- जीन पियाजे

B-अरस्तू

C- अल्बर्ट बंडूरा

D-कोहलबर्ग

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Ans- C 

7. …………… के अनुसार, बच्चों के चिंतन के बारे में सामाजिक प्रक्रियाओं तथा सांस्कृतिक संदर्भ के प्रभाव को समझना आवश्यक है।

A-लॉरेंस कोलबर्ग

B-जीन पियाजे

C-लेब वायगोट्स्की

D-अलबर्ट बैन्डुरा

Ans- C 

8. – बच्चों को संकेत देना तथा आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?

A-प्रबलन

B-अनुबंधन

C-मॉडलिंग

D-पाड़ (ढाँचा)

Ans- D

9. अल्बर्ट बैन्ड्यूरा के सामाजिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार निम्न में से कौन-सा सही है?

A-बच्चों के सीखने के लिए प्रतिरूपण (मॉडलिंग) एक मुख्य तरीका है

B-अनसुलझा संकट बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है

C-संज्ञानात्मक विकास सामाजिक विकास से स्वतंत्र है

D-खेल अनिवार्य है और उसे विद्यालय में प्राथमिकता दी जानी चाहिए

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Ans- A 

10. कोहलबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्य का विकास कर सकता है-

A-” कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए ” इस पर कठोर निर्देश देकर

B-धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर

C- व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर

D-नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके

Ans- D

11. लारिंस कोहलबर्ग विकास के क्षेत्र में शोध के लिए जाने जाते हैं।

A-संज्ञानात्मक

B-शारीरिक

C-नैतिक

D- गामक

Ans- C 

12. कोहलबर्ग के अनुसार सही और गलत प्रश्नों के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को कहा जाता है

A-सहयोग की नैतिकता

B-नैतिक तर्कणा

C-नैतिक यथार्थवाद

D-नैतिक दुविधा

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Ans- B

13. लॉरेंस कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों का अनुसरण करते हैं?

(1) आज्ञापालन और दंड – – उन्मुखीकरण

(2) वैयक्तिकता और विनिमय

(3) अच्छे अंत : वैयक्तिक संबंध

(4) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार

A-2 और 1

B-2 और 4

C-1 और 4

D-1 और 3

Ans- A 

14. करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चों के बावजूद आय कर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते, जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करती हैं । वे संभवतः कोहलबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?

A-परंपरागत

B-पश्च परंपरागत

C-पूर्व परंपरातगत

D-परा-परंपरागत

Ans- B

15. एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, ‘सभी प्रकार के प्रदत्त’ कार्यों का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके, अतः सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें। वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?

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A-पूर्व औपचारिक चरण 2 वैयक्तिकता और विनिमय

B-औपचारिक चरण 4 कानून और व्यवस्था

C-पर – औपचारिक चरण 5 सामाजिक संविदा

D- पूर्व – औपचारिक चरण 1 दंड परिवर्जन

Ans- B

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