Connect with us

CTET

CTET 2022: कुछ ही दिनों बाद आयोजित होने वाली सीटेट परीक्षा में पूछे जाने वाले ‘बाल विकास’ के महत्वपूर्ण प्रश्न

Published

on

Bal Vikas objective Question For CTET Exam
Advertisement

Bal Vikas objective Question For CTET Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित सीटेट परीक्षा दिसंबर माह में ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाना है जिसके लिए जल्द ही एडमिट कार्ड बोर्ड के द्वारा जारी कर दिए जाएंगे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए इस आर्टिकल में हम बाल विकास से जुड़े कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं जो की परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है यहां से पेपर में हमेशा से प्रश्न पूछे जाते रहे हैं आगामी परीक्षा में भी बाल विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जाने की प्रबल संभावना है ऐसे में अभ्यर्थियों को चाहिए कि वह इन प्रश्नों का अध्ययन ध्यानपूर्वक करें ताकि परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ सफलता हासिल की जा सके l

बाल विकास के कुछ ऐसे प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं—Bal Vikas Important Question For CTET Exam 2022

1. विकास के प्रत्येक चरण के लिए सामाजिक अपेक्षा को क्या कहा जाता है?

(a) विकासात्मक कार्य

Advertisement

(b) विकासात्म आवश्यकताएँ

(c) विकासात्मक बाधाएँ

(d) विकासात्मक क्षेत्र

Ans- a 

2. विकास ————–

(a) शरीर के मध्य से बाहर की दिशा में होता है।

(b) नीचे से ऊपर की ओर होता है।

(c) एक आयामी है।

(d) वातावरणीय कारकों से प्रभावित नहीं होता है।

Ans- a 

3. कथन (A) : संज्ञानात्मक विकास मध्य बाल्यावस्था तक तेजी से विकसित होता है और फिर ठहर जाता है। 

तर्क (R) : मानव मध्य बाल्यवस्था के चरण के बाद नई चीजें नहीं। सीख सकते।

सही विकल्प चुने

(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) सही व्याख्या करता है (A) की।

(b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R) सही व्याख्या नहीं है (A) की । 

Advertisement

(c) (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

(d) (A) और (R) दोनों गलत है।

Ans- d 

4. विद्यार्थियों का एक समूह अपने खेल के दौरान एक लोकप्रिय नृत्य ———- रियलटी शो के दृश्य दर्शाता है। आठ वर्षीय सना एक जज के तौर पर दूसरे बच्चों के नृत्य पर टिप्पणियाँ करती है। यह परिस्थिति बच्चों के समाजीकरण में ———— की महत्वपूर्ण भूमिका दर्शाता है।

(a) धार्मिक संस्थान 

(b) परिवार

(c) मीडिया

(d) विद्यालय 

Ans- c 

5. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धांत के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं को कहे गए क्रम में लगाने की योग्यता पा लेते हैं?

(a) सांवेदिक पेशीय

(b) पूर्व संक्रियात्मक

(c) मूर्त संक्रियात्मक

(d) अमूर्त संक्रियात्मक

Ans- c 

6. जीन पियाजे के अनुसार, एक सतत प्रक्रिया जो मानसिक संरचनाओं को परिष्कृत और परिवर्तित करती है, —————- कहलाती है ।

(a) नकल उतारने जैसा व्यवहार

(b) वस्तु-स्थायित्व

Advertisement

(c) समावेशन

(d) संतुलीकरण

Ans- d 

7. विद्यार्थियों को एक समस्या का हल खोजने में संघर्ष करते देख कर, उनकी सहायता के लिए अध्यापिका उन्हें संकेत और आधे-सुलझे उदाहरण देती हैं लेव वायगोत्सीकी के सिद्धांत के अनुसार यह ————-  का उदाहरण है

(a) पाड़

(b) प्रतिवर्तन

(c) क्रमबद्धता 

(d) प्रतिपादक अध्यापन

Ans- a 

8. निम्न में से किस सिद्धांतकारी ने कहा कि संज्ञानात्मक विकास एक सहयोगात्मक प्रक्रिया है?

(a) लेव वायगोत्सकी

(b) इवान पेवलॉव

(c) बी. एफ. स्किनर

(d) जॉन. बी. वॉटसन

Ans- a 

9. लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत की एक मुख्य आलोचना है कि –

(a) उसक सिद्धांत में नारी-परिपेक्ष गौण है।

(b) उसने पियाजे के नैतिकता विकास सिद्धांत को संदर्भ में नहीं लिया।

Advertisement

(c) उन्होंने बच्चों की प्रत्येक पर विशिष्ट प्रतिक्रियाँ नहीं सुझाई। 

(d) उन्होंने बच्चों पर कोई अनुसंधान कार्य नहीं किया।

Ans- a 

10. हावर्ड गार्डनर ने सुझाव दिया कि अलग-अलग प्रकार की बुद्धियाँ होती हैं। निम्नलिखित में से कौन-सी बुद्धि गार्डनर द्वारा प्रस्तावित प्रकारों में से एक नहीं है?

(a) संगीतमय

(b) भाषाई

(c) शारीरिक गतिसंवेदी

(d) व्यावहारिक

Ans- d 

11. इनमें से कौन-सा विकल्प एक प्रगतिशील कक्षा में संरचनात्मक शिक्षण का उदाहरण है?

(a) विविध स्पष्टीकरण

(b) रट कर याद करना और शब्दशः पुनरावृत्ति

(c) पुरस्कार और दण्ड

(d) बार-बार वेधन और अभ्यास

Ans- a 

12. बहुभाषिकता के संदर्भ में निम्न में से कौन-सा दृष्टिकोण उपयुक्त है? 

(a) विद्यार्थियों को विद्यालय अवधि के दौरान उनकी मातृभाषा या स्थानीय भाषा का उपयोग करने के लिए दंडित किया जाना चाहिए। 

(b) स्कूलों को केवल उन्हीं विद्यार्थियों को प्रवेश देना चाहिए जिनकी मातृभाषा निर्देश की भाषा के समान है।

Advertisement

(c) शिक्षक को सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए और कक्षा में एक ऐसा वातावरण स्थापित करना चाहिए जो सभी विद्यार्थियों के समावेशन को बढ़ावा दे

(d) शिक्षक को कक्षा में उन बच्चों की उपेक्षा करनी चाहिए जो कक्षा में अपनी मातृभाषा का उपयोग करते हैं।

Ans- c 

13. वे बच्चे जो कि अकसर अपने अभिभावकों को मानकीय जेंडर रेखाओं को पार करते हुए देखते हैं, जैसे कि माता को उपकरण | ठीक करते हुए और पिता को बच्चों की देखभाल करते हुए; उनके संदर्भ में

(a) कम संभावना कि वो जेंडर रूढियों का अनुसरण करेंगे। 

(b) अधिक संभावना है कि वो जेंडर पृथक्करण का पालन करेंगे। 

(c) अधिक संभावना है कि वो जेंडर रूढियों का पालन करेंगे।

(d) कम संभावना है कि वो समाज में प्रचलित जेंडर मानदंडो के विरुद्ध होंगे।

Ans- a 

14. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार आकलन के क्या उद्देश्य है –

(i) सीखने के स्तर को सुनिश्चित करने के लिये विद्यार्थियों में तनाव उत्पन्न

(ii) अध्यापन-अधिगम क्रियाओं को दोहराना । 

(iii) अधिगम और विकास को अनुकूलित बनाना ।

(iv) कक्षा के अंदर और बाहर विद्यार्थियों को समर्थन देना।

(a) i, ii और iv

(b) i और iii

(c) i, ii, और iii

(d) ii, iii और iv

Advertisement

Ans- d

15. गत्यात्मक मूल्याँकन क्या समझने में मदद करता है?

(a) बच्चे का बौद्धिक स्तर

(b) समकक्षियों की तुलना में छात्रा का संबंधित पद

(c) बच्चे की विशिष्ट अधिगम आवश्यकताएँ

(d) कि बच्चा सामान्य (नियमित) विद्यालय में पढ़ने के लायक है या नहीं

Ans- c 

Read More:-

CTET Exam: बार-बार पेपर में आने वाले ‘संस्कृत’के महत्वपूर्ण प्रश्न डाले एक नजर!

CTET 2022: ‘लैब वाइगोत्सकी और जीन पियाजे’ के सिद्धांत पर आधारित परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न यहां पढ़ें!

यहां पर हमने दिसंबर में आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए‘बाल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों (Bal Vikas objective Question For CTET Exam) का अध्ययन किया। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) से जुड़ी नवीनतम अपडेट और प्रैक्टिस सेट प्राप्त करने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल के सदस्य बने, जॉइन लिंक नीचे दी गई है

Advertisement

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CTET

UP Teacher Vacancy 2023: योगी सरकार का तोहफा, 51 हजार शिक्षक भर्ती जल्द, CTET-UPTET क्वालीफाई को मिलेगी एंट्री

Published

on

By

Advertisement

UP Shikshak Bharti 2023 (UPDATED): उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद (UPBEB) जल्द ही शिक्षक के 51 हजार से अधिक रिक्त पदों पर बंपर भर्ती निकालने वाला है. नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले योगी सरकार प्रदेश में  माध्यमिक व राजकीय विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर भर्ती करने जा रही है.

इतने पदों पर होगी भर्ती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग में टीजीटी/ पीजीटी शिक्षकों के लगभग 51 हजार से अधिक पद रिक्त हैं, इसके अलावा राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों के 7 हजार 471 पद रिक्त हैं. तो वही बात करें प्रवक्ता तथा सहायक अध्यापकों के पदों कि तो बताया जा रहा है प्रवक्ता के 2115 जबकि सहायक अध्यापक के 5256 पद खाली हैं जिनपर भर्ती की जानी है.

CTET-UPTET पास कर सकेंगें आवेदन

Advertisement

उत्तर प्रदेश के प्राइमरी तथा अपर प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती सुपर टेट परीक्षा (SUPER TET) के माध्यम से की जाती है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड द्वारा किया जाता है. सुपर टेट परीक्षा में केवल वे अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं जिन्होंने यूपी टेट परीक्षा (Uttar Pradesh Teacher Eligibility TestUPTET) पास की हो.  बहुत से अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या सीटेट परीक्षा क्वालीफाई अभ्यर्थी यूपी शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल हो सकते हैं? 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी सुपर टेट में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री तथा टीचिंग ट्रेनिंग कोर्स (D.El.Ed, BTC, B.Ed. आदि) पास किया होना चाहिए साथ ही UPBEB द्वारा आयोजित यूपी टेट परीक्षा पास होना जरूरी है. इसके अलावा पेपर -1 के लिए सीटेट पास अभ्यर्थी भी सुपर टेट परीक्षा देने के पात्र होते हैं. 

यदि बात करें आयु सीमा की तो न्यूनतम 21 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी सुपर टेट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं हालांकि उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थियों को कैटेगरी वाइज अधिकतम आयु में छूट का प्रावधान है अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें.

इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना आवेदन सबमिट कर सकते हैं. सीटेट परीक्षा पास करने पर उम्मीदवार सुपर टेट के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल आदि में निकलने वाली शिक्षकों की भर्ती में भी शामिल हो सकते हैं.

कब आएगा यूपीटीईटी नोटिफ़िकेशन? (UPTET 2023 Notification Update)

उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूपीटीईटी परीक्षा का नोटिफिकेशन फ़रवरी 2023 के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह तक जारी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे. जिसके बाद अप्रैल महीने में ऑनलाइन मोड में UPTET परीक्षा आयोजित की जाएगी.

अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी लगातार शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें बता दें कि यूपीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए इसके साथ ही बैचलर डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा होना जरूरी है।

Read More:

CTET Exam 2023: ‘अल्बर्ट बंडूरा के सिद्धांत’ से जुड़े कुछ ऐसे सवाल ही पूछे जा रहे हैं सीटेट परीक्षा की सभी शिफ्टों में

Advertisement

Continue Reading

CTET

CTET Answer Key 2023: शिक्षक पात्रता परीक्षा की आंसर की करें डाउनलोड, जानें कब तक आयेगा परीक्षा परिणाम 

Published

on

By

Advertisement

CTET Answer Key 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड याने CBSE द्वारा आयोजित की जाने वाली CTET परीक्षा आज 7 फ़रवरी को पूरी हो चुकी है, यह परीक्षा 28 दिसंबर अग़ल-अलग दिन दो शिफ्ट में आयोजित की जा रही है जिसमें शिक्षक बनने की चाह रखने वाले लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए है। अब परीक्षा की समाप्ति के बाद अभ्यर्थी अपनी आंसर की जारी होने का इंतज़ार कर रहे है, बता दें कि परीक्षा समाप्ति के कुछ दिन के भीतर ही CBSE द्वारा आंसर की जारी कर दी जाती है।

इस दिन जारी होगी आंसर की 

CTET परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का इंतज़ार जल्द ही ख़त्म होने वाला है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ CBSE द्वारा 11 फ़रवरी 2023 को आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर CTET पेपर 1 तथा पेपर 2 की आंसर की जारी कर दी जाएगी। इसके बाद मार्च माह में फाइनल आंसर-की तथा परीक्षा परिणाम जारी किया जा सकता है।

बता दें आंसर की लिंक ऐक्टिव होने के बाद उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर तथा जन्म तारीख़ की सहायता से आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपनी उत्तर कुंजी डाउनलोड कर पाएँगें।

Advertisement

परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलिज़ेशन

सीबीएसई द्वारा दिसंबर 2021 में पहली बार CTET परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई थी, तथा इस बार भी यह परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित हुई है। चुकी परीक्षा का आयोजन अलग- अगल दिन कई शिफ़्टों में किया गया है लिहाज़ा परीक्षार्थियों के मध्य समान प्रतिस्पर्द्धा क़ायम रखने के लिए नॉर्मलिज़ेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। बता दें कि परीक्षा में नॉर्मलिज़ेशन होने की जानकारी CBSE द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर पहले ही दे दी गई थी। 

CTET Exam Cut Off 2023

सीटीएटी परीक्षा में कैटेगरी वाइज कटऑफ़ निर्धारित किया गया है। पेपर 1 तथा पेपर 2 के लिए कट ऑफ अंक समान है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को इस परीक्षा में पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक याने 150 नंबर के पेपर में 90 अंक लाना होगा, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 55 प्रतिशत अंक यानें 150 अंक के पेपर में 82 अंक लाना होगा।

CategoryMinimum qualifying percentageMinimum qualifying Marks
Schedule Caste (SC)55%82 out of 150
Schedule Tribe (ST)55%82 out of 150

CTET Exam 2023 Important FAQs

क्या सीटीईटी परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

नहीं, CBSE द्वारा आयोजित सीटीईटी परीक्षा में किसी भी प्रकार की नकारात्मक मार्किंग नहीं की जाती है।

सीटीईटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कितने वर्ष होती है?

आजीवन, CTET परीक्षा पास करने वालों अभ्यर्थियों को मिलने वाले सर्टिफिकेट की वैद्यता लाइफ टाइम कर दी गई है जो पहले 7 वर्ष थी।

सीटीईटी परीक्षा में शामिल होने के लिए आयु सीमा क्या है?

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए अधिकतम उम्र सीमा निर्धारत नहीं है, हालाकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।

सीटीईटी परीक्षा कितने बार दे सकते है?

उम्मीदवार जीतने बार चाहे उतने बार सीटीईटी परीक्षा में शामिल हो सकते है, जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में पास हो चुके है वे अपने स्कोर को सुधार के लिए दुबारा परीक्षा दे सकते है।

Advertisement

Continue Reading

CTET

CTET 2022-23: लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से परीक्षा में पूछे जा रहे है ये सवाल, अभी पढ़ें

Published

on

Lev Vygotsky's Theories Based MCQ For CTET
Advertisement

Lev Vygotsky’s Theories Based MCQ For CTET: शिक्षक बनने के लिए जरूरी सीटेट यानी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन 7 फरवरी 2023 तक ऑनलाइन सीबीटी मोड में किया  जा रहा है.  यह परीक्षा 29 दिसंबर 2023 से शुरू हुई थी तथा अब 3, 4, 6  तथा 7 फरवरी को परीक्षा का आयोजन होना बाकी है.  यदि आप भी आगामी सीटेट परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

यहां पर हम नियमित रूप से सीटेट परीक्षा के लिए प्रैक्टिस सेट शेयर करते रहे हैं। इसी श्रृंखला में आज हम लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत पर आधारित कुछ ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो की परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। तो लिए जाने इन महत्वपूर्ण सवालों को जो की इस प्रकार हैं।

Read More: CTET 2023: हर शिफ्ट में पूछे जा रहे है ‘जीन पियाजे’ के सिध्दांत से ये सवाल, इन्हें पढ़ कर पक्के करे नंबर

Advertisement

 लेव वाइगोत्सकी के सिद्धांत से जुड़े संभावित प्रश्न—CTET Exam Lev Vygotsky’s Theories Related Questions

1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, निम्न में से किसके लिए “समीपस्थ विकास क्षेत्र” का इस्तेमाल करना चाहिए?

1. अध्यापन और मूल्याँकन

2. केवल अध्यापन

3. केवल मूल्यांकन

4. प्रवाही बौद्धिकता की पहचान

Ans- 1 

2. एक विशिष्ट संप्रत्यय को पढ़ाने हेतु एक अध्यापिका बच्चे को आधा हल किया हुआ उदाहरण देती है। लेव वायगोत्सकी के अनुसार अध्यापिका किस रणनीति का इस्तेमाल कर रही है?

1. अवलोकन अधिगम

2. पाड़

3. द्वंद्वात्मक अधिगम

4. अनुकूलन

Ans- 2 

3. ‘समीपस्थ विकास के क्षेत्र का संप्रत्यय किसने प्रतिपादित किया है?

1. जेरोम ब्रूनर

2. डेविड ऑसबेल

Advertisement

3. रोबर्ट एम. गायने

4 लेव व्यागोत्सकी

Ans- 4

4. रश्मि अपनी कक्षा में विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के कार्यकलापों का उपयोग करती है और सहपाठियों द्वारा अधिगम को बढ़ावा देने के लिए समूह भी बनाती है। निम्नलिखित में से कौन-सा इसका समर्थन करता है?

1. सिग्मंड फ्रॉयड का मनो यौनिक सिद्धांत

2. लेव वायगोत्सकी का सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धांत

3. लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

4. बी. एफ. स्किनर का व्यवहारवादी सिद्धांत

Ans- 2 

5. वायोगात्सकी के सिद्धांत के अनुसार ‘निजी संवाद’ 

1. बच्चों के आत्मकेंद्रीयता का घोतक है।

2. बच्चों के क्रियाकलापों और व्यवहार का अवरोधक है।

3. जटिल कार्य करते समय बच्चे को उसके व्यवहार संचालन में सहायता देता है।

4. यह संकेत देता है कि संज्ञान कभी भी आंतरिक नहीं होता।

Ans- 3 

6. कौन सा कथन लेव व्यागोत्सकी के मूल सिद्धांत को सही मायने में दर्शाता है?

1. अधिगम एक अन्तमन प्रक्रिया है।

2. अधिगम एक सामाजिक क्रिया है।

Advertisement

3. अधिगम उत्पतिमूलक क्रमादेश है। 

4. अधिगम एक अक्रमबद्ध प्रक्रिया है जिसके चार चरण है।

Ans- 2 

7. इनमें से कौन-सा अध्यापक द्वारा पाड़ का उदाहरण नहीं है?

1. अनुकरण के लिए कौशलों का प्रदर्शन करना

2. रटना

3. इशारे एवं संकेत

4. सहपाठियों संग साझा शिक्षण

Ans- 2 

8. लेव वायगोत्सकी के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत को ……….. कहा जाता है क्योंकि वे तर्क देते हैं कि बच्चों का सीखना संदर्भ में होता है।

1. मनोगतिशील

2. मनोलैंगिक

3. सामाजिक सांस्कृतिक

4. व्यवहारात्मक

Ans- 3 

9. जब कोई अध्यापिका किसी विद्यार्थी को उसके विकास के निकटस्थ क्षेत्र पर पहुंचाने के लिए सहायता को उसके निष्पादन के वर्तमान स्तर के अनुरूप है, तो अध्यापिका किस नीति का प्रयोग कर रही है। कर रही है।

1. सहयोगात्मक अधिगम का प्रयोग

2. अंतर पक्षता का प्रदर्शन

Advertisement

3. पाड़

4. विद्यार्थी में संज्ञानात्मक द्वंद पैदा करना

Ans- 3

10. लेव वायगोत्सकी द्वारा दिए बच्चों के विकास का सिद्धांत किस पर आधारित है ?

1. भाषा और संस्कृति

2. भाषा और परिपक्वता

3. भाषा और भौतिक जगत

4. परिपक्वता और संस्कृति

Ans- 1

11.समीपस्थ विकास के क्षेत्र’ की संरचना किसने प्रतिपादित की थी?

1. लॉरेंस कोहल

2. लेव वायगोत्स्की

3. ज़ोरोंन ब्रूनर

4. जीन पियाजे

Ans- 2 

12. निम्न में से कौन-सा कथन बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के विषय में जीन पियाजे और लेव वायगोत्सकी के विचारों के बीच मुख्य अंतर दर्शाता है?

1. पियाजे बच्चों के स्वतंत्र प्रयासों द्वारा जगत को अनुभव करने पर जोर देते हैं, जबकि वायगोत्स्की संज्ञानात्मक विकास को सामाजिक मध्यस्थ प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। 

2. पियाजे बच्चों को सक्रिय स्वतंत्र जीव के रूप में देखते हैं, जबकि वायगोत्स्की उन्हें मुख्यतः वातावरण द्वारा नियंत्रित जीव के रूप में देखते हैं।

Advertisement

3. पियाजे भाषा को बच्चों के संज्ञानात्मक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि विकास पर बल देते हैं।

4. पियाजे के अनुसार बच्चे अपने मार्गदर्शन के लिए स्वयं से बात कर सकते हैं, जबकि वायगोत्सकी के लिए बच्चों की बात आत्मकेन्द्रीयता का द्योतक है।

Ans- 1 

13. एक अध्यापिका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में विद्यार्थियों को सहपाठियों से अंतः क्रिया कराकर एवं सहारा देकर अध्यापन करती है। यह शिक्षण अधिगम की प्रक्रिया किस पर आधारित है ?

1. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत पर 

2. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत पर

3. लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पर

4. हावर्ड गार्डनर के बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत पर

Ans- 3 

14. वायगोत्स्की के सिद्धान्त के अनुसार ‘सहायक खोज’ किस में सहायक है।

1. संज्ञानात्मक द्वंद्व

2. उत्प्रेरक-प्रतिक्रिया सहचर्य

3. पुनर्बलन

4. सहपाठी- सहयोग

Ans- 4 

15. कक्षा में विद्यार्थियों को त्यौहारों को मनाने के अपने अनुभवों को साझा करने के देना और उसके आधार पर सूचना निर्मित करने को बढ़ावा देना किसका उदाहरण है। ?

1. व्यवहारवाद

2. पाठ्यपुस्तक आधारित अध्यापन

Advertisement

3. सामाजिक संरचनावाद

4. प्रत्यक्ष निर्देशन

Ans- 3

ये भी पढे:-

CTET 2022: सीटेट परीक्षा के लिए बुद्धि परीक्षण पर आधारित इन सवालों से करे अपनी अंतिम तैयारी!

CTET 2022: हिन्दी भाषा शिक्षण के इन सवालों से करे अपनी बेहतर तैयारी

Advertisement

Continue Reading

Trending