Amazing Facts: आर्यभट्ट की एक ऐसी महान खोज जो शायद ही आपको पता होगी, जानें यहाँ

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 Aryabhatt Research Amazing Facts: आपको हमारे देश के सबसे महान प्राचीन वैज्ञानिक आर्यभट्ट का नाम तो सुना होगा, और उन्होंने बहुत सी महान खोज भी की है लेकिन आपको हम उनके द्वारा की गई एक ऐसी महान खोज के बारे में बताने जा रहे है, जिसके बारे में  आपको शायद ही पता होगा। तो आइए जानते है क्या है,वो महान खोज।

आखिर क्या है आर्यभट्ट की महान खोज

हमारे देश का प्राचीन विज्ञान इतना ज्यादा विकसित था, की जिसे देखकर आजकल के आधुनिक वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते है,ऐसे ही एक महान साइंटिस्ट आर्यभट्ट थे,जिनके बारे में आपको पता ही होगा, आर्यभट्ट ने शून्य का अविष्कार तो किया ही है, लेकिन उन्होंने 1400 साल पहले बिहार में दुनिया का पहला (Astronomical Camp) भी बनाया था,यह कैंप तारो की स्टडी और ब्राह्मण के राज को जानने किए बनाया गया था। और अब इस जगह का नाम ‘तारेगणा’ है। आर्यभट की महानता का प्रमाण इस बात से भी लगाया जा सकता है, की अब 1400 साल बाद भी सूर्यग्रहण जैसी घटनाओं को और भी बेहतर तरीके से जानने के लिए वैज्ञानिक आज भी आर्यभट्ट के द्वारा बनाए गए तारेगना में ही जाते है। क्या आपको पता थी, वैज्ञानिक आर्यभट्ट की ये महान खोज?

आपको बता दें कि आर्यभट्ट का जन्म सन 476 ईस्वी में कुसुमपुर पटना में हुआ था, बिहार में वर्तमान पटना का प्राचीन नाम कुसुमपुर था, आर्यभट्ट का जन्म सम्राट विक्रमादित्य द्वितीय के शासन काल के समय में हुआ था जिसे गुप्त युग के नाम से जाना जाता है, आर्यभट्ट की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और आर्यभट्ट  गणित , ज्योतिष शास्त्र में रुचि रखते थे। 

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आर्यभट्ट द्वारा दुनिया को बहुत से योगदान प्राप्त हुए, जैसे इन्होंने ही हमे बताया की पृथ्वी सूर्य के चारों और घूमती है। और साथ ही इन्होंने शून्य का आविष्कार, पाई का मान, ब्रम्हांड के वारे मे और तारों के वारे मे विस्तार से जानने के लिए उन्होंने की खोजे की। आर्यभट्ट के जीवनकाल की बात करे तो उनकी मृत्यु 74 वर्ष की आयु मे सन  550 ईस्वी  मे हो गई थी। 

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